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मां तुझसे अपना बचपन उधार मांगता हूं - दीपक श्रीवास्तव "दीप"

 



के.एम.बी.बिरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव


देवरिया के आचार्य रामचंद्र शुक्ल भुजौली कॉलोनी में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। आयोजन में राष्ट्रीय स्तर के 16 कवियों ने ऐसा समां बांधा कि श्रोता पूरी रात अपनी कुर्सी पर ज में ही रह गए, जिसमें दीपक श्रीवास्तव "दीप" (मुम्बई) के एक कविता "मां तुझ से अपना बचपन उधार मांगता हूं , तेरी प्यारी प्यारी लोरी दुलार मांगता हूं" इस कविता में मां का वर्णन कैसे किया गया कि उसे सुन श्रोता भाव विभोर हो गए। वही आचार्य मुकेश गोरखपुर जो कि दूरदर्शन के भी कवि हैं साथ ही उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सांकृत्यायन पुरस्कार से सम्मानित राष्ट्रीय कवि भी हैं। उनकी कविताओं ने श्रोताओं को झूमने और तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। वही अश्क चिरैयाकोटी की ओज से भरी कविताओं ने श्रोताओं को वाह-वाह करने पर मजबूर कर दिया। इस कवि सम्मेलन का आयोजन दिनेश कुमार श्रीवास्तव (एडवोकेट) ने किया था। जिसमें संजय श्रीवास्तव और रुक्मेश श्रीवास्तव का योगदान सराहनीय रहा। वही कृष्णा श्रीवास्तव जो कि खुद भी एक राष्ट्रीय स्तर के कवि हैं। उन्होंने सफल संयोजन करते हुए 16 राष्ट्रीय स्तर के कवियों से मंच सजाया जो पूरी रात श्रोताओं का मनोरंजन करते रहे। वही कृष्णा श्रीवास्तव ने मीडिया का भी सम्मान करते हुए के एम बी न्यूज़ के उप संपादक प्रदीप श्रीवास्तव, जिला ब्यूरो चीफ सुधीर राय, जिला संवाददाता वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, नगर संवाददाता संजय श्रीवास्तव, विशेष संवाददाता विवेकानंद उपाध्याय, और विशेष संवाददाता गजेंद्र श्रीवास्तव (बड़े) को भी फूल माला पहनाकर  सम्मानित किया। कवियों में विशेष रूप से दीपक श्रीवास्तव "दीप" (मुंबई) अश्क चिरैयाकोटी (मऊ), जितेंद्र पाल (लखनऊ), आचार्य मुकेश (गोरखपुर) प्रियंका दुबे "प्रबोधिनी", सरिता सिंह,  कुंदन वर्मा, (गोरखपुर) एडवोकेट अब्दुल हमीद "आरजू" मोहन पाण्डेय, शैलेंद्र "असीम", पूजा पाण्डेय, मधुसूदन मिश्र, सच्चिदानंद पाण्डेय, एवं परमानंद मिश्र (कुशीनगर) से एवं देवरिया के इंद्र कुमार दीक्षित सच्चिदानंद पांडे संतोष विश्वकर्मा "सूर्य" एवं भावना द्विवेदी आदि कवियों ने भाग लिया।






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