2

बिछुआ के विभिन्न विद्यालयों में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस

बिछुआ के विभिन्न विद्यालयों में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस

केएमबी श्रावण कामड़े

बिछुआ। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सिंगारदीप में 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस संस्था में अध्यनरत विद्यार्थियों के द्वारा समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान कर मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों के द्वारा कुछ शानदार नृत्य संगीत भाषण इत्यादि कार्यक्रमो की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान देश के द्वितीय राष्ट्रपति भारत रत्न राधाकृष्णन सर्वपल्ली की जीवन परिचय पर विस्तृत चर्चा की गई। अधीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनी, लीलाधर साहु, सुनील देशमुख, नरेंद्र सिंह ठाकुर, श्रीमती गीता पहाड़े, प्रियंका पवार सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं स्टाफ गण सहित छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।इसी क्रम में विकास खण्ड के सामरबोह स्कूल में देश के पहले उपराष्‍ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्‍ली राधाकृष्णन के जन्‍मदिवस  धूमधाम से मनाया गया। डॉ. राधाकृष्णन देश के महान विद्वान और शिक्षक थे। किसी भी इंसान के जीवन में शिक्षक का रोल बेहद अहम होता है, वो शिक्षक जरूरी नहीं है कि आपके स्कूल, कॉलेज या अन्य शिक्षण संस्थान के हों, बल्कि एक शिक्षक आपके पेरैंट्स, दोस्त, भाई-बहन कोई भी हो सकता है जो आपके पथ-प्रदर्शक के रूप में काम करता है। देश और समाज को बेहतर बनाने में एक शिक्षक बड़ी अहम भूमिका अदा करते हैं
ग्रामीण अंचलों में आदीवासी बच्चो की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए आदिवासी बालक आश्रम सामरबोह विकास खण्ड बिछुआ में शिक्षक दिवस मनाया गया साथ ही बच्चो को चाकलेट वितरण किया गया। अधीक्षक के द्वारा भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन परिचय बच्चों को बताया गया। इस दौरान अधीक्षक देवानंद नागरे, शिक्षिका चैचकर मेडम, सुलोचना नागरे मेडम एवं चौकिदार कैलाश मानकर, गीता मानकर, सुनिल माटे उपस्थित रहे।
शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के सम्मान में शिष्य बने गुरु वनांचल बिछुआ के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने  कक्षाओं में अध्यापन कार्य किया व सामूहिक कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं का सम्मान पुष्पगुच्छ श्रीफल, पेन भेट किया। शिक्षक दिवस पर शिक्षक द्वारा छात्राओं के हितार्थ शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया एवं जीवन की सफलता की सीढ़ी का मुख्य शब्द शिक्षा है जिसका जीवन में सही उपयोग कर अपने जीवन को सफल बनाना है। प्राचार्य के द्वारा शिक्षा प्रद उद्बोधन के साथ प्रथम शिक्षिका सावित्री फुले के जीवन के बारे में प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्राचार्य सुजाता आरसे, जितेंद्र नागरे, गणेश घागरे, रामप्रसाद परतेती, बलदेव डोबारे, रेखा बम्होरे, मोनिका पलवार, रानी चौरिया, सीमा बघेल,चारूमित्रा चौरे, कविता मालवीय, पीटीआई संजीव गौतम एवं समस्त स्टाफ व खेल एवं युवा कल्याण विभाग के ग्रामीण ब्लॉक समन्वयक प्रकाश डेहरिया उपस्थित थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

7

8

6