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एकीकृत बालक माध्यमिक शाला गुमतरा के हाल बेहाल, नही आता बच्चों को गिनती, पहाड़ा और एबीसीडी

एकीकृत बालक माध्यमिक शाला गुमतरा के हाल बेहाल

केएमबी श्रावण कामड़े

बिछुआ। बिछुआ विकासखंड क्षेत्र के एकीकृत बालक मध्यमिक शाला गुमतरा में पहली से आठवीं तक के बच्चों को हिंदी सही तरीके से पढ़ना नहीं आ रहा है।  शिक्षक बच्चों को पढ़ाने में कोई रुचि दिखाते हुए नजर नहीं आ रहे है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीण में शिक्षा क्षेत्र की उपेक्षा स्पष्टत: दिखायी देती है और इसका नुकसान गरीब और कमजोर वर्गों  को उठाना पड़ता है। ऐसे वर्ग के पास बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए समुचित सुविधाए या साधन नहीं है। इस बात का खुलासा अनेक सर्वेक्षणों में किया जा चुका है। इस स्थिति में इस समस्या पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए जमीनी स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाने होंगे तभी जनता को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी। बालक माध्यमिक शाला व प्राइमरी स्कूल गुमतरा में ग्रामीण व उपसरपंच के द्वारा जब निरीक्षण किया गया तो निरीक्षण के दौरान पाया गया कि छठवीं से आठवीं तक के बच्चों a b c d तक नही आती। गिनती पूछा गया तो बच्चे बताने में नाकाम रहे। इससे यह सिद्ध हो रहा है कि बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है। शाला के बच्चे ए बी सी डी व गिनती का जवाब नहीं दे पाए। उपसरपंच ने बताया कि मेरे द्वारा प्रिंसिपल की अनुमति लेकर हर 4 दिन में मॉनिटरिंग विगत एक दो महीने से की जाती थी और वहां के सभी शिक्षकों को समझाइस दी गई थी कि बच्चों को सही तरीके से शिक्षा दें व सुधार लाएं लेकिन शिक्षकों के द्वारा शिक्षा के स्तर में कोई सुधार नहीं किया गया। आज बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ही कमजोर हो चुके है।

*देश के प्रधानमंत्री तक का नाम नहीं मालूम बच्चों को*

मिडिल क्लास के बच्चों को देश के वर्तमान प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री एवं विधानसभा क्षेत्र के विधायक के नाम तक मालूम नहीं है और न ही उनके गांव के सरपंच के नाम पता है। भाजपा मंडल महामंत्री बलबीर डेहरिया द्वारा गुमतरा के बालक माध्यमिक शाला व प्राइमरी स्कूल में मौके पर निरीक्षण किया गया जिसमें पाया गया कि वास्तव में मिडिल स्कूल की पढ़ाई के मामले में बहुत ही नाजुक स्थिति है जिसमें बच्चों को एबीसीडी और गिनती भी नहीं आ रही है। शिक्षा के सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराकर जल्दी हल निकाला जाएगा। उदेभांशा पूर्व सरपंच गुमतरा द्वारा भी गुमतरा स्कूल का निरीक्षण किया गया जिसमें बहुत अनियमितता पाई गई। शिक्षा स्तर लगातार बहुत ही निम्न स्तर पर जा पहुंचा है। बच्चे एबीसीडी में गिनती नहीं बता पा रहे हैं। कहीं न कहीं शिक्षकों की भी कमी नजर आ रही है।

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