बिछुआ में हुआ कवियों का भव्य समागम, झरती रही काव्य-वर्षा
बिछुआ। नगर में आयोजित कवि समागम एवं कवि सम्मेलन में काव्य-वर्षा की ऐसी बौछार हुई कि उपस्थित श्रोतागण देर तक तालियों से हाल गुंजायमान करते रहे। सभी विधाओं—वीर, श्रृंगार, हास्य, व्यंग्य, गीत और गजल—की अनूठी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों बैतूल, मुलताई, नरसिंहपुर, खंडवा, सिवनी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, चौरई सहित बिछुआ के स्थानीय कवियों ने अपनी काव्य-प्रतिभा से समा बांधा और श्रोताओं का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महामण्डलेश्वर वैभव आलोनी जी उपस्थित रहे। साथ ही नगर परिषद अध्यक्ष रामचंद्र बोबडे, भाजपा मंडल अध्यक्ष शैलेश चोपड़े, युवा मोर्चा अध्यक्ष घनश्याम पवार, गुड्डा पटेल, सभापति अनिल कुर्मी, उपाध्यक्ष बलदेव बोबडे, संतोष भलावी, रजत वानखेड़े, वरिष्ठ पत्रकार सिरपत पवार, हेमराज मांडेकर, श्रवण कामडे, राष्ट्रीय कवि संगम जिला अध्यक्ष प्रमोद श्रीवास, जिला महामंत्री ललित नाथ सहित अनेक सामाजिक व साहित्यिक हस्तियां उपस्थित रहीं।
कविता-पाठ करने वाले प्रमुख कवियों में अंशुल शर्मा, विजय आनंद दुबे, जयकिशन चंदेल, हरीश पांडे, राहुल चौरिया, दीपक साहू, पदमा जैन, दीपक यदुवंशी, आलोक ठाकुर, विनोद सनोडिया, रहेश वर्मा, डॉ. सुखदेव कवडकर, मनीष जैन, भोले नेमा, जय सांवरा, भूपेंद्र मोर्य, शुभम् देवड़ा, हरिओम माहोरे, श्रीकांत सराठे, विजय खरपुसे, यशस्वी यश, ईशान दुबे, सतीष आनंद, धानी विश्वकर्मा, आराध्य विश्वकर्मा, द्वारपाल मालवी सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी उपस्थिति और काव्य-पाठ से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।
कवि समागम के सफल आयोजन से बिछुआ में साहित्यिक वातावरण और भी समृद्ध हुआ तथा सभी ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त
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