सुरक्षा, देखरेख और जनसहयोग से बदली जंगली नाथन धाम की तस्वीर
सुलतानपुर। वलीपुर क्षेत्र में स्थित भगवान शिव का प्राचीन एवं आस्था का केंद्र जंगली नाथन धाम आज जीर्णोद्धार के बाद भव्य, दिव्य और आकर्षक स्वरूप में श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े इस ऐतिहासिक शिव मंदिर का कायाकल्प अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है मंदिर के जीर्णोद्धार में वलीपुर चौकी इंचार्ज अनिल सक्सेना की भूमिका सराहनीय रही है। उनकी सतत देखरेख, सुरक्षा व्यवस्था और सहयोगात्मक प्रयासों से मंदिर परिसर की साफ-सफाई, संरक्षण और व्यवस्थाओं को नया रूप मिला। चौकी इंचार्ज रहते हुए उन्होंने न केवल मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि सामाजिक सहभागिता के माध्यम से इसके पुनरुद्धार को भी गति दी। जीर्णोद्धार के उपरांत मंदिर परिसर में रंग-रोगन, संरचनात्मक सुधार और स्वच्छता पर विशेष कार्य किया गया, जिसके परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर का स्वरूप ही नहीं बदला, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक, धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण हुआ है।
चार दिवसीय धार्मिक आयोजन का भव्य कार्यक्रम
मंदिर जीर्णोद्धार के उपलक्ष्य में चार दिवसीय धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
21 जनवरी: विधि-विधान से भव्य कलश यात्रा
22 जनवरी: वलीपुर बाजार में मूर्ति भ्रमण
23 जनवरी: जंगली नाथन धाम परिसर में माता जगदंबा दुर्गा मंदिर की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा संध्या समय भजन संध्या, जिसमें भक्तिरस की गूंज से वातावरण भक्तिमय होगा
24 जनवरी: विशाल भंडारे का आयोजन
विशेष बात यह है कि जंगली नाथन धाम परिसर में भगवान शिव के साथ माता जगदंबा दुर्गा की प्राण-प्रतिष्ठा से मंदिर का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जायेगा।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए चौकी इंचार्ज अनिल सक्सेना की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी । आयोजन के दौरान पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, ताकि धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सकें।
आयोजन में जनसहयोग की अहम भूमिका
पूरे कार्यक्रम के आयोजक मंदिर कमेटी के नेतृत्व में स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों के सहयोग से सभी धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
मंदिर की मान्यता
मान्यता है कि जंगली नाथन धाम में सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान शिव भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। सावन मास और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ती है।
जीर्णोद्धार और धार्मिक आयोजनों के बाद जंगली नाथन धाम एक बार फिर क्षेत्र में आस्था, सामाजिक एकता और सेवा भाव का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
रिपोर्ट जगन्नाथ मिश्र
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