KGMU प्रशासन द्वारा परिसर में अवैध रूप से बनी मजारों को हटाने की नोटिस पर लोगों को मिली जुली पतिक्रिया
केएमबी ब्यूरो उर्मिला सिंह
लखनऊ। केजीएमयू (KGMU) प्रशासन द्वारा परिसर में अवैध रूप से बनी 5-6 मजारों को हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम और नोटिस जारी करने पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन इसे अतिक्रमण विरोधी अभियान बता रहा है, वहीं कुछ स्थानीय लोगों और समूहों द्वारा मजारों को ऐतिहासिक मानते हुए हटाने पर चिंता जताई जा रही है।
मुख्य प्रतिक्रियाएं और विवरण
प्रशासनिक कदम: केजीएमयू प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मजारों को "अवैध निर्माण" बताते हुए नोटिस चस्पा किए हैं और 15 दिनों के भीतर खुद हटाने का समय दिया है, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
लोगों की चिंता: कुछ लोगों ने इन मजारों को केजीएमयू की स्थापना से भी पुराना और कदीमी (ऐतिहासिक) बताते हुए इन्हें हटाने को अनुचित ठहराया है। उनका तर्क है कि ये निर्माण संस्थान के अस्तित्व में आने से पहले से मौजूद हैं।
सुरक्षा और प्रशासन: इस नोटिस के बाद, परिसर में सुरक्षा के लिहाज से नजर रखी जा रही है, खास तौर पर हाल ही में सामने आए कथित धर्मांतरण के मामले के बाद यह कदम उठाया गया है।
अल्टीमेटम के अनुसार, यदि तय समय के भीतर मजारें नहीं हटाई जाती हैं, तो केजीएमयू प्रशासन अपने स्तर से आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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