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स्थानीय सत्ता दल के नेताओं के संरक्षण में चल रहे हैं अवैध मीट मार्केट

 संजय कुमार विश्वकर्मा

क्राइम रिपोर्टर

केएमबी न्यूज़

जनपद देवरिया

6 जुलाई 2022

 स्थानीय सत्ता दल के नेताओं के संरक्षण में चल रहे हैं अवैध मुर्गा मीट मार्केट अवैध बकरा मीट मार्केट जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश में बहुमत मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनते ही अवैध मीट मार्केट पर चला था बुलडोजर परंतु नगर पालिका परिषद देवरिया एवम ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सत्ता दल के नेताओं के संरक्षण में अवैध बकरा मीट मार्केट अवैध मुर्गा मीट मार्केट चल रहे हैं  उत्तर प्रदेश सरकार के  इन शर्तों को करना था पूरा तभी खुलेगी दुकान परंतु नगर पालिका परिषद देवरिया नगर पंचायत स्थानीय रूप से पंगु होने के कारण अवैध बकरा मीट मार्केट अवैध मुर्गा मीट मार्केट फल फूल रहे हैं जहां बकरे के मीट की जगह भेड़ के मीट बेचे जाते हैं यहां तक कि बीमार प्रेग्नेंट बकरियां भी काटकर उनका मीट बना कर बकरे के मीट के साथ बेच दिया जाता है सूत्रों से पता चला है कि वर्जित मांस भी बकरे के मीट के साथ बेच दिए जाते हैं मजे की बात यह है कि अंडा फार्म की मुर्गी भी जो जब अंडा देने में नाकाम हो जाती हैं उन्हें भी मार्केट में लाकर काटकर उसका मांस बेचा जाता है कोई डॉक्टरी प्रशिक्षण नहीं होता है यहां तक की नगर पालिका परिषद देवरिया  का अपना मीट मार्केट भी नहीं है नगर पालिका परिषद देवरिया के पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय रामायण राव द्वारा एक मीट मार्केट बनाया गया था परंतु घटिया मटेरियल की वजह ध्वस्त होने जाने के कारण अब तक पुन: संचालित नहीं हो पाया उत्तर प्रदेश सरकार का मानक यह है

1. मीट की दुकान धार्मिक स्थल से 50 मीटर की दूरी पर हो। धार्मिक स्थल के मेनगेट से 100 मीटर की दूरी हो।

2. मीट की दुकान सब्जी या मछली की दुकान के पास नहीं होगी।

3. मीट दुकान के अंदर जानवर या पक्षी नहीं काटे जाएंगे।

4. मीट की दुकानों पर काम करने वालों को सरकारी डॉक्टर से हेल्थ सर्टिफिकेट लेना होगा।

5. मीट की क्वॉलिटी पशु डॉक्टर से प्रमाणित करवानी होगी।

6. शहरी इलाकों में सर्किल ऑफिसर, नगर निगम और फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन से एनओसी लेनी होगी।

7. ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत, सर्किल अफसर और एफएसडीए एनओसी देंगे।

8. मीट दुकानदार बीमार या प्रेगनेंट जानवर नहीं काट सकेंगे।

9. मीट दुकानदार हर छह महीने पर अपनी दुकान की सफेदी करवाएंगे।

10. मीट काटने के चाकू और दूसरे धारदार हथियार स्टील के होंगे।

11. मीट दुकान में कूड़े के निपटारे के लिए समुचित व्यवस्था होगी।

12. बूचडख़ानों से खरीदे गए मीट का पूरा हिसाब-किताब रखना होगा।

13. मीट इंसुलेटेड फ्रीजर वाली गाडिय़ों में ही बूचडख़ानों से ढोया जाए।

14. मीट को जिस फ्रिज में रखा जाएगा उसका दरवाजा पारदर्शी होगा।

15. मीट की दुकान में गीजर जरूरी होगा।

16. दुकान के बाहर पर्दे या गहरे रंग ग्लास लगा हो ताकि किसी को मीट नजर न आए।

17. एफएसडीए के किसी मानक का उल्लंघन नहीं होना चाहिए


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