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करोड़ों के मुआवजे से जुड़े घपलेबाजी में दाना-पानी रेस्टोरेंट के संचालक समेत अन्य पर चला हाईकोर्ट का चाबुक

करोड़ों के मुआवजे से जुड़े घपलेबाजी में दाना-पानी रेस्टोरेंट के संचालक समेत अन्य पर चला हाईकोर्ट का चाबुक

केएमबी रूकसार अहमद

सुल्तानपुर। गुरुवार को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की बेंच ने आरोपियों को राहत देना उचित न मानते खारिज याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति ने सीजेएम कोर्ट की कार्यवाही को जायज माना।संजीव वर्मा के भाई राजीव वर्मा व नितिन वर्मा समेत अन्य की तरफ से सीजेएम कोर्ट से जारी एनबीडब्ल्यू आदेश को दी गई थी हाईकोर्ट में चुनौती। छह मार्च 2018 को सीजेएम कोर्ट ने मुकदमे में आरोपियों के खिलाफ जारी किया था गिरफ्तारी वारंट।सीजेएम कोर्ट के इसी आदेश को चुनौती देकर याचिकाकर्ताओं ने कार्यवाही रद्द करने के लिए की थी मांग, करीब चार वर्षों से हाईकोर्ट में मामला लंबित था।अब तक कार्रवाई पर रोक लगी थी। प्रकरण की पूरी सुनवाई करने के पश्चात हाईकोर्ट ने आरोपियों को राहत देने का नहीं पाया कोई आधार न पाते हुए दोनों याचिकाएं खारिज कर दी।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने संजीव वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कई आपराधिक मामले लंबित होने एवं उनके जरिए बड़ा घोटाला करने का आरोप लगाते हुए अर्जी खारिज करने के लिए की थी मांग।
अभियोगी प्रेम कुमार शुक्ला निवासी गोपालपुर ने एनएच-56 का प्रकाशन होने के बाद संजीव कुमार वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ करोड़ो का मुआवजा हड़पने की नीयत से फर्जी विक्रय पत्र तैयार कराने के आरोप में दर्ज कराया था मुकदमा। तत्कालीन एसपी ने अभियोगी प्रेम कुमार शुक्ला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने का दिया था निर्देश, छह फरवरी 2016 को लम्भुआ थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा।आरोप के मुताबिक नौ गाटो में है प्रेम कुमार शुक्ला है सह खातेदार, फिर भी आरोपियों ने गलत तरीके से मनमाफिक चौहद्दी दिखाकर अनुचित लाभ पाने के लिए कर दिया था तीन बैनामा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा करीब पौने 11 करोड़ रुपये आरोपियों को दिया गया था मुआवजा, जबकि अभियोगी प्रेम कुमार शुक्ला है आधे का हिस्सेदार। करोड़ों के घोटाले में आरोपी संजीव वर्मा के परिवार व उसके करीबियों को नहीं मिली राहत, मामले में संजीव वर्मा के अलावा उनकी पत्नी विजया कुमारी भाई, राजीव वर्मा, मां गयावती, सह आरोपी शिवकुमारी, नितिन वर्मा, मिठाई लाल, प्रदीप प्रजापति, लाल मोहम्मद, इस्लाम व महेंद्र कुमार के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा। पुलिस ने तफ्तीश पूरी कर आरोपियों के खिलाफ दाखिल की थी  चार्जशीट,जिस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने जारी सम्मन पर न हाजिर होने के बाद दिया था गिरफ्तारी का आदेश।आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा- 419 ,420, 467, 468, 471 में चल रहा है मामला, अब आरोपियों को करोड़ो के घोटाले से जुड़े केस में ट्रायल फेस करना पड़ेगा।

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