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सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का विराट संगम

सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का विराट संगम

केएमबी ब्यूरो
सुल्तानपुर। श्री अरविंद सोसायटी, सुल्तानपुर इकाई के तत्वाधान में “वंदे मातरम्” के 150वें स्मरणोत्सव के अवसर पर उसके अमर रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को नमन करते हुए एक भव्य, विचारोत्तेजक और राष्ट्रचेतना से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन पंडित रामनरेश त्रिपाठी सभागार में किया गया। यह आयोजन न केवल साहित्यिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सनातन चेतना, राष्ट्रबोध और आध्यात्मिक राष्ट्रवाद की सशक्त अभिव्यक्ति भी बना। इस गरिमामय कार्यक्रम के मुख्य आयोजक डॉ. जे.पी. सिंह रहे, जिनके मार्गदर्शन, संकल्प और सतत प्रयासों से यह आयोजन एक ऐतिहासिक स्वरूप ले सका। डॉ. जे.पी. सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, सनातन चेतना और मातृभूमि के प्रति समर्पण का महामंत्र है। उन्होंने बंकिम चंद्र चटर्जी और श्री अरविंद के विचारों को वर्तमान भारत से जोड़ते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को इन विचारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमित घोष, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (उ.प्र.) विधानसभा सत्र के कारण भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। अपने संदेश में उन्होंने वंदे मातरम् की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, बंकिम चंद्र चटर्जी की राष्ट्रचेतना, तथा श्री अरविंद द्वारा दिए गए आध्यात्मिक राष्ट्रवाद की गहन व्याख्या की। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् भारतीय आत्मा की पुकार है, जो स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक राष्ट्र को ऊर्जा देता रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. एम.एल.बी. भट्ट, निदेशक, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान, लखनऊ की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने वंदे मातरम् के 150वें वर्ष पर अपने उद्बोधन में कहा कि यह गीत भारत को केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि मां के रूप में देखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इसे सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का आधार बताया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार राज खन्ना, डॉ. बी.बी. सिंह, वरिष्ठ सर्जन एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. ए.के. सिंह ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा रहा है और आज भी यह राष्ट्र को जोड़ने वाली शक्ति है। कार्यक्रम को और अधिक भावपूर्ण बनाते हुए सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राओं ने वंदे मातरम् की मनमोहक और ओजस्वी प्रस्तुति दी, जिसने सभागार को राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। श्रोताओं ने तालियों की गूंज के साथ प्रस्तुति का स्वागत किया। कार्यक्रम का सशक्त एवं गरिमामय संचालन वरिष्ठ नेत्री प्रीति प्रकाश द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को एक सूत्र में पिरोए रखा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.के. मिश्रा, डॉ. आर.ए. वर्मा, समाजसेवी डॉ. सुधाकर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, विभाग प्रचारक श्री प्रकाश जी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, चार्टर्ड अकाउंटेंट संतोष सिंह, डॉ. पवन सिंह, डॉ. मलय सिंह सहित अनेक बुद्धिजीवी, चिकित्सक, समाजसेवी और प्रबुद्धजन शामिल रहे। समग्र रूप से यह आयोजन सनातन राष्ट्रभावना, सांस्कृतिक चेतना और वैचारिक जागरण का एक प्रेरक उदाहरण बना। डॉ. जे.पी. सिंह के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम सुल्तानपुर के सांस्कृतिक इतिहास में एक स्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हुआ, जिसने यह संदेश दिया कि वंदे मातरम् केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की दिशा है।
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