12 जनवरी, माहेमऊ: सूफ़ियाना विरासत के नाम उर्से ज़लाल अशरफ
वारिसगंज अमेठी, थाना क्षेत्र भालेसुलतान शहीद स्मारक के ग्राम सभा माहेमऊ में सूफ़ियाना तहज़ीब, मोहब्बत और इंसानियत का पैग़ाम देने वाला सालाना उर्स अब जायस शरीफ़ के बाद ग्राम सभा माहेमऊ, विकास खंड जगदीशपुर, जनपद अमेठी में पूरे अदब और अकीदत के साथ मनाया जाएगा।वली-ए-कामिल, सूफ़ी बुज़ुर्ग हुज़ूर सैय्यद शाह ज़लाल अशरफ अशरफीयुल जिलानी (रह.) का यह मुक़द्दस सालाना उर्स सोमवार, 12 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। उर्स का आग़ाज़ सुबह 10 बजे से होगा। इस दौरान चादरपोशी, गागर, कव्वाली और कुल शरीफ़ का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 1 बजे से लंगर-ए-आम का सिलसिला शुरू होगा, जो शाम तक लगातार चलता रहेगा। लंगर के माध्यम से बराबरी, सेवा और इंसानियत की सुंदर मिसाल पेश की जाएगी।
रात के समय रूहानी तक़रीरों का आयोजन होगा। इस मौके पर ख़िताब फ़रमाने के लिए हज़रत अल्लामा मौलाना सैय्यद आलमगीर अशरफ किछौछवी और मौलाना डॉ. ख़ालिद मोहम्मद अयूब साहब तशरीफ़ ला रहे हैं। वहीं अपने कलाम से महफ़िल को रूहानी रंग देने के लिए शायरे-इस्लाम जनाब कमाल अख्तर बसतवी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही मदरसा कादरिया अशरफिया के हाफ़िज़-ए-क़ुरआन बच्चों की दस्तारबंदी भी की जाएगी। अकीदतमंदों का कहना है कि हुज़ूर ज़लाल अशरफ (रह.) की ज़िंदगी सादगी, ख़िदमत और इंसानियत की मिसाल रही। उनकी दरगाह हर उस शख़्स के लिए खुली रही, जो दिल में उम्मीद और सुकून लेकर पहुँचा। उर्स इंतज़ामिया की ओर से तमाम आम-ख़ास, बुज़ुर्गों, नौजवानों और बच्चों से अपील की गई है कि वे इस मुक़द्दस उर्स में शिरकत करें और सूफ़ियाना विरासत को नज़दीक से महसूस करें। उर्स को लेकर माहेमऊ और आसपास के इलाक़ों में रूहानी माहौल और खास उत्साह बना हुआ है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पत्रकार अमीर अशरफ ने बताया कि उर्से ज़लाल अशरफ सूफ़ियाना तहज़ीब, अमन और इंसानियत के पैग़ाम को आगे बढ़ाने वाला मुक़द्दस आयोजन है, जो हर मज़हब और हर तबके के लोगों को आपस में जोड़ने का काम करता है।
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