अधिवक्ताओं के आंदोलन का असर: अमेठी की चारों तहसीलों में कामकाज पूरी तरह ठप
अमेठी। मुसाफिरखाना तहसील में उपजिलाधिकारी पर लगे भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोपों को लेकर चल रहे अधिवक्ताओं के आंदोलन का व्यापक असर मंगलवार को पूरे जनपद में देखने को मिला। अधिवक्ता समाज के आह्वान पर अमेठी जिले की चारों तहसीलों अमेठी, गौरीगंज, तिलोई और मुसाफिरखाना—में प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहे।अधिवक्ताओं द्वारा न्यायिक कार्यों से विरत रहने के कारण तहसील परिसरों में सन्नाटा पसरा रहा। राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य, दाखिल-खारिज, नामांतरण, वरासत, रजिस्ट्री और जनसुनवाई जैसी सेवाएं प्रभावित रहीं। दूर-दराज से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे फरियादियों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।अधिवक्ता समाज का कहना है कि यह कदम प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी तहसील परिसरों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। प्रशासनिक अमले ने हालात पर नजर बनाए रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अधिवक्ताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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