भागवत कथा जीता जागता प्रयागराज है- कथावाचक शिवा शास्त्री
अमेठी। तिलोई क्षेत्र के टिकरी गांव में बीते तीन दिनों से भागवत कथा हो रही है। कथा के द्वितीय दिवस पर कथा वाचक शिवा शास्त्री ने कथा को मार्मिक रूप देते हुए विस्तार से कथा सुनाई। शिवा शास्त्री ने बताया कि भागवत कथा श्रृष्टि के शुरुआत में सर्वप्रथम भगवान नारायण विष्णु जी ने ब्रह्मा जी को सुनाई। जिस समय भागवत कथा में मात्र चार श्लोक हुआ करते थे। ब्रम्हा जी ने अपने पुत्र नारद को सुनाई और नारद ने शुकदेव मुनि को और अंत में शुकदेव मुनि ने परीक्षित उद्धार के लिए द्वापर युग के अंत समय में अर्जुन के पौत्र अभिमन्यु के पुत्र राजा परीक्षित को सुनाई। बस उसी समय से भागवत कथा का प्रचलन आम जनमानस में होने लगा। भागवत कथा श्रमण मात्र से व्यक्ति का उद्धार हो जाता है। शिवा शास्त्री ने कथा में आगे बताया कि भागवत कथा जीता जागता प्रयाग राज है जिसने सात दिन नियमित कथा सुन ली मानो उसने प्रयागराज संगम में स्नान कर लिया। कथा के यजमान रामेश्वर सिंह ने बताया कि ठंड का मौसम चल रहा है लेकिन लोग कथा सुनने बराबर आ रहे हैं मुझे यकीन है कथा सुनने के बाद लोग अपने जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन लायेंगे। कथा में अंकित सिंह, शिवम सिंह, रघुराज, मास्टर रामऔतार, नारायण सिंह, सुरेंद्र, हेमराज, रामकुमार, राजाराम, गंगा सागर, नीरज, राजेश, राम सजीवन, अजय, राम भारत आदि लोग मौजूद थे ।
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