खून का खेल, साजिश का जाल: अमेठी में बहू-पोता बने कातिल, प्रधान प्रत्याशी ने रची हत्या की साजिश
अमेठी। जनपद के मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र से सामने आया एक हत्याकांड न केवल पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करता है, बल्कि राजनीति और कानून के दुरुपयोग की खौफनाक तस्वीर भी पेश करता है। जमीनी विवाद की आग में झुलसती एक बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए मृतका की बहू, पोते और एक प्रधान प्रत्याशी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सनसनीखेज मामला पूरे नेवाज गांव का है, जहां 31 दिसंबर 2025 को बुजुर्ग महिला शिवपता को सुनियोजित साजिश के तहत खेत की ओर बुलाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि वहां पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने यूकेलिप्टस, बांस के डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर महिला को अधमरा कर दिया। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाई गई शिवपता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
एसपी अमेठी अपर्णा रजत कौशिक ने खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की पटकथा मृतका की बहू सुनीता और प्रधान प्रत्याशी मोईन ने मिलकर लिखी थी। उद्देश्य था—जमीनी विवाद का बदला लेना और विरोधियों को झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेजना। इस साजिश में सुनीता का बेटा बृजेश और मोईन का करीबी दोस्त संतोष भी शामिल हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों की योजना थी कि घटना को एससी-एसटी एक्ट का रूप देकर वर्तमान ग्राम प्रधान के पति को कानूनी जाल में फंसाया जाए। इसी मकसद से पुलिस को गुमराह करने के लिए मनगढ़ंत कहानी गढ़ी गई और खुद बहू ने थाने में तहरीर देकर निर्दोषों पर आरोप लगाए।हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए इस झूठ की परतें उधेड़ दीं। रविवार को चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही हत्या की पूरी साजिश बेनकाब हो गई। यह मामला न सिर्फ एक बुजुर्ग महिला की नृशंस हत्या का है, बल्कि कानून और सामाजिक व्यवस्था के दुरुपयोग की चेतावनी भी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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