चंद्रिका दास की समाधि स्थल पर लगा मेला, लोगों में भंडारे को लेकर उत्सुकता
अमेठी। जगतपुर स्थित चंद्रिका दास बाबा की समाधि स्थल का मेला धूम धाम से संपन्न हुआ। जहां एक तरफ ग्रामीण मेले दोपहर बाद शुरू होते हैं वहीं यह मेला सुबह-सुबह ही लग जाता है। मेला आयोजक और मंदिर की देखरेख कर रहे कैलाश दास बताते हैं कि बसंत पंचमी को चंद्रिका दास बाबा की कूटी जो कि टिकरी ग्रामसभा अंतर्गत नारायणचक में स्थित है वहां का मेला होता है। उसके बाद दूसरे दिन मतलब बसंत पंचमी के दूसरे दिन चंद्रिका दास बाबा की समाधि स्थल का मेला लगता है। समाधि स्थल से लोग प्रसाद के रूप में सैकड़ों सालों से भभूत को प्रसाद के रूप में ले जाते हैं जिससे उनकी मनोकामना पूर्ण होती है। आज भी स्थानीय लोगों की काफी आस्था चंद्रिका दास बाबा की समाधि स्थल से जुड़ी हुई है। पूर्वज बताते हैं कि चंद्रिका दास बाबा उदासीन सम्प्रदाय के संत थे। उदासीन संप्रदाय में ध्वज को गुरु का दर्जा दिया जाता है। इसीलिए प्रतिवर्ष मेला वाले दिन नारायणचक से ध्वज को पूरे सम्मान और गाजे-बाजे के साथ समाधि स्थल पर आज भी लाया जाता है। चंद्रिका दास बाबा के शिष्य बाबा गुरु प्रसाद दास हुए। गुरु प्रसाद दास ने ही चंद्रिका दास की समाधि स्थल का निर्माण करवाया था। उसी समाधि स्थल का मेला और शाम को विशाल भंडारे की व्यवस्था ग्रामीणों के सहयोग से सुनिश्चित की जाती है। सूत्र बताते हैं कि चंद्रिका दास बाबा की संस्था के नाम पच्चास बीघा से ज्यादा की जमीन है। जिस पर लोगों के घर द्वार बने हुए हैं इसके अतिरिक्त जमीन के दो दावेदारों के बीच बाकी जमीन को लेकर मुकदमा चल रहा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को जमीन से दूर रहने के आदेश दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है जिन चालाक लोगों की वजह से बाबा की कूटी का यह हाल हुआ है उन्हें चंद्रिका दास बाबा एक दिन जरूर दंड देंगे। फिलहाल मेले में मनोज बाजपेई, बसंत लाल, हेमराज, दीपक सिंह, रामू प्रजापति, सत्यम पांडे, पुन्नू बाजपेई,आदि लोग मौजूद रहे।
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