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विवादित बयान पर घिरे भाजपा विधायक सुरेश पासी, बयान-वीडियो और वायरल तस्वीरों से बढ़ी राजनीतिक व सामाजिक बहस

विवादित बयान पर घिरे भाजपा विधायक सुरेश पासी, बयान-वीडियो और वायरल तस्वीरों से बढ़ी राजनीतिक व सामाजिक बहस

केएमबी खुर्शीद अहमद
अमेठी। जनपद अमेठी की जगदीशपुर सुरक्षित विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेश पासी के हालिया बयान ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान दिए गए उनके वक्तव्यों को लेकर जहां जनप्रतिनिधि की भूमिका और सार्वजनिक आचरण पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों ने इस पूरे प्रकरण को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। विधायक सुरेश पासी द्वारा मुस्लिम वोटों की आवश्यकता न होने, मस्जिद न जाने तथा मुस्लिम समुदाय के घरों पर वोट मांगने या सामाजिक अवसरों में शामिल न होने संबंधी बयान का वीडियो इन दिनों व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो पर बड़ी संख्या में लोग अपनी प्रतिक्रियाएं और टिप्पणियां दर्ज कर रहे हैं, जिससे यह मुद्दा लगातार जनचर्चा में बना हुआ है।
इसी क्रम में सोशल मीडिया पर कुछ अन्य वीडियो और तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं, जिनमें भाजपा विधायक सुरेश पासी की पत्नी को एक मजार पर चादर चढ़ाते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। वहीं कुछ वायरल तस्वीरों में विधायक सुरेश पासी मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं, जहां वे कहीं फीता काटते हुए तो कहीं मंच साझा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक तस्वीर में अमेठी जनपद के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ से जुड़े एक पदाधिकारी के साथ उनकी मौजूदगी भी बताई जा रही है। इन वायरल वीडियो और तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर विधायक के बयान और सार्वजनिक गतिविधियों के बीच संभावित विरोधाभास को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि इन सभी वायरल कंटेंट की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि किसी सक्षम प्राधिकरण द्वारा नहीं की गई है और इनकी तथ्यात्मक सत्यता का अंतिम परीक्षण संबंधित जांच एजेंसियों अथवा न्यायिक प्रक्रिया के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसके बावजूद यह मुद्दा आमजन और राजनीतिक गलियारों में बहस का केंद्र बना हुआ है।
राजनीतिक विश्लेषकों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों के बयान और आचरण का प्रभाव सामाजिक समरसता, लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सौहार्द पर पड़ सकता है। विपक्षी दलों की ओर से इस पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण, राजनीतिक जवाबदेही और नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई जा रही है, जबकि सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से फिलहाल किसी औपचारिक बयान या विस्तृत प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि सुरेश पासी अमेठी जिले की जगदीशपुर सुरक्षित विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। उनके ताजा बयान और उससे जुड़े वायरल वीडियो व तस्वीरों के बाद अब यह भी चर्चा का विषय है कि इस प्रकरण का आगामी पंचायती चुनावों और भविष्य के विधानसभा चुनावों पर क्या और कितना प्रभाव पड़ेगा, जिसका आकलन अंततः समय और मतदाता के निर्णय से ही संभव होगा। फिलहाल बयान, सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और प्रतिक्रियाओं के बीच जनता और शासन-प्रशासन की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित पक्ष आगे क्या रुख अपनाते हैं और क्या किसी स्तर से कोई औपचारिक स्पष्टीकरण, जांच या अन्य कदम सामने आता है।
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