किसी परिवार की बिटिया दो परिवारों को जोड़ती है- शिवा शास्त्री जी महाराज
अमेठी। सिंहपुर के टिकरी ग्रामसभा अंतर्गत बीते चार दिनों से भागवत कथा हो रही है। कथा के चौथे दिन कथा व्यास पीठ से कथा वाचक शिवा शास्त्री जी महाराज ने भक्तों को बताया कि एक नारी के कई रूप होते हैं। कभी वह बिटिया कभी बहन कभी पत्नी कभी मां का रोल अदा करती है। इसके बाद भी बिटिया हमेशा पराई बताई जाती है। मायके में हमेशा उसको पराया धन बताया जाता है और ससुराल में हमेशा पराई बिटिया बताया जाता है। इसके बावजूद एक संस्कारी बिटिया मायके और ससुराल दोनों परिवारों को जोड़ कर रखती है। जबकि समाज में एक महिला को अबला, कमजोर बताया जाता है। शिवा शास्त्री ने बताया अगर हम भारत का इतिहास उठा कर देखें तो महिलाओं ने जब किताब उठाई तो वह गार्गी और सावित्री बाई फुले बन गई, जब उसने तलवार और बंदूक उठाई तो रानी लक्ष्मी बाई अवंतीबाई लोधी और ऊदा देवी पासी बन जाती है और वहीं जब उसने आकाश की तरफ देखा तो सुनीता विलियम्स, कल्पना चावला बन जाती है। इसके अतिरिक्त जब वह राजनीति में आती है तो सुषमा स्वराज, इन्दिरा गांधी बन जाती है। देखा जाय तो महिलाएं किसी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है। इसीलिए समाज को महिलाओं को कम नहीं आंकना चाहिए बल्कि उनका हर क्षेत्र में सम्मान और उत्साह बढ़ाना चाहिए। कथा श्रवण कर रहे स्थानीय ग्रामीण नारायण सिंह ने बताया कि कथा सुनकर बेटियों के प्रति और भी ज्यादा सम्मान हमारे हृदय में उमड़ आया है। मुझे लगता है जैसे कथा से मै प्रेरित हुआ हूं ऐसे ही तमाम और लोग कथा से शिक्षा लेंगे और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। कथा में जिला पंचायत प्रत्याशी प्रदीप यादव, ग्राम रोजगार सेवक नागेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, शिवलाल, राजाराम, संजय सिंह, बाबूलाल प्रजापति, राम किशोर चौरसिया, गुड्डू चौरसिया, अजय सिंह, शारदा प्रसाद, इंद्रेश, राजेश, रामनरेश, राम स्वरूप, राम भारत आदि लोग मौजूद रहे।
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