अमेठी के जिला समाज कल्याण अधिकारी निलंबित, विभागीय जांच के आदेश
अमेठी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही के आरोपों पर अमेठी के जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलीन राज को निलंबित कर दिया गया है। शासन ने उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की है।
शासन को प्राप्त शिकायतों और प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में नियमों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि योजना के तहत लाभार्थियों के चयन, आयोजन की तिथियों तथा निर्धारित प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। जांच में यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में प्रस्तुत अनुभव प्रमाण-पत्र फर्जी थे, जिनके आधार पर भुगतान और अन्य औपचारिकताएं पूरी की गईं।
आरोपों के अनुसार संबंधित अधिकारी ने इन अनियमितताओं पर समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की और न ही उच्चाधिकारियों को सही जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, आयोजन के दौरान अधिकारियों को गुमराह करने तथा भ्रामक सूचनाएं देने के भी आरोप लगाए गए हैं। शासन ने इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3(1) के उल्लंघन और उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत की गई है। नियम 7 के अंतर्गत विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है, जिसके लिए निदेशालय समाज कल्याण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के उपनिदेशक को जांच अधिकारी नामित किया गया है।निलंबन अवधि में अधिकारी का मुख्यालय लखनऊ स्थित समाज कल्याण निदेशालय रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक वे किसी अन्य शासकीय अथवा निजी कार्य में संलग्न नहीं होंगे।सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करना है, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक समय पर और निष्पक्ष रूप से पहुंच सके।
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