किसी भी वस्तु से अत्यधिक मोह कष्ट का कारण बन जाता है- पंडित वेद प्रकाश त्रिपाठी
तिलोई,अमेठी। शिवरतनगंज थाना अंतर्गत खरांवा गांव में बीते पांच दिनों से श्री राम कथा चल रही है। कथा के पांचवे दिन कथा व्यास पीठ पंडित वेद प्रकाश त्रिपाठी ने भक्तों को बताया कि किसी के प्रति ज्यादा मोह कष्ट का कारण बनता है। पौराणिक कथाओं को आधार बनाते हुए उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव भगवान शंकर को भी अपनी पत्नी के प्रति इतना मोह हो गया था कि उन्होंने सती के मृत शरीर को लेकर विलाप और तांडव करना शुरू कर दिया था जिससे सृष्टि का कार्य बाधित होने लगा। तब देवताओं की प्रार्थना सुन कर श्रृष्टि के पालन कर्ता भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती जी के इक्यावन टुकड़े किए फिर भगवान शंकर का पत्नी मोह भंग हुआ। बाद में यही टुकड़े जहां-जहां गिरे वह स्थान शक्ति पीठों के नाम से प्रसिद्ध हुए। कथा के पांचवे दिन कथा में कथा व्यास महंत 108 श्री रामानुजाचार्य पधारे जिन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए अपने छोटे से अभिभाषण में लोगों को बताया कि कथा वह अमृत है जिसे चाहे जितना पिया जाए मन को तृप्ति मिलती ही नहीं है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राम ने भक्तों के कल्याण हेतु अवतार लिया था। लोग उनके मर्यादित कार्यों और धर्म की स्थापना के प्रतिफल उनको पूजने लगे। राम ने अपने संपूर्ण जीवन में खुद की पूजा करने के लिए कभी नहीं कहा। राम का जीवन एक आदर्शपूर्ण जीवन रहा। हर व्यक्ति को राम के पदचिह्नों पर चलना चाहिए। मात्र रामकथा करवा देने से व्यक्ति का कल्याण नहीं होने वाला बल्कि राम को जीवन में धारण करने से मनुष्य जीवन का कल्याण होता है। आज कल मन में राम बगल में छूरी जैसी सोंच व्यक्तियों के अंदर हो गई है, फर्जी दिखावा और आडंबर के पीछे मानव भाग रहा है इसीलिए मानव उलझनों और झंझटों से उबर नहीं पा रहा है। निहाल पुरवा, हथरोहना, सहबापुर, टिकरी, जैतपुर आदि गांवों के लोग प्रतिदिन कथा में पहुंच कर लाभ ले रहे हैं। हनुमत सेवा समिति पंडूरा के कार्यकर्ता गौरी शंकर त्रिपाठी "गौरव", सत्यदेव त्रिपाठी, अमर बहादुर राजपूत, अनुज शर्मा, राम अचल राजपूत, फूलचंद्र ठेकेदार आदि लोग राम कथा में अपनी सेवा दे रहे हैं।
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