सीलिंग की भूमि पर कब्जे का आरोप, पीड़ितों ने लगाई न्याय की गुहार
अमेठी। तहसील तिलोई क्षेत्र के ग्राम इन्हौना के कई ग्रामीणों ने गांव के ही कुछ लोगों पर सीलिंग की भूमि पर अवैध कब्जा करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों ने प्रशासन से मामले में कठोर कार्रवाई कर भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। पीड़ित जितेंद्र मौर्य, राम केवल, रमेश, इंद्रेश, शीतल, विजय, विमल, प्रदीप, अंकित, मां सत्तू पासी, जनता देवी आदि के अनुसार उन्हें ग्राम इन्हौना आजादपुर स्थित भूमि का सीलिंग पट्टा वर्ष 2009 में तत्कालीन उप जिलाधिकारी तिलोई द्वारा आवंटित किया गया था। आरोप है कि विपक्षी साउथ उर्फ फवाद हुसैन पुत्र चौधरी अजहर हुसैन तथा उनके परिवार के अन्य लोगों ने उक्त भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद तहसीलदार तिलोई द्वारा भूमि से अवैध कब्जा हटवाया गया था और यह निर्देश दिया गया था कि अपर आयुक्त, लखनऊ मंडल लखनऊ द्वारा यथास्थिति बनाए रखने संबंधी आदेश प्रभावी रहने तक कोई भी पक्ष भूमि पर कब्जा नहीं करेगा।
इसके बावजूद आरोप है कि बीती सऊद उर्फ फवाद हुसैन पुत्र स्व चौo अजहर हुसैन परिवार के सहयोगी सब्बू उर्फ जाहिर पुत्र वहीद तथा तनवीर पुत्र एजाज, निवासी ग्राम इन्हौना ने विवादित खेत को जोतकर उसमें उड़द की फसल बो दी। विरोध करने पर आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों के साथ अभद्र गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने कहा, “खेत के पास आए तो सिर काट देंगे, अब कब्जा हमारा है, जो करना हो कर लो।”पीड़ितों ने बताया कि वे गरीब हरिजन परिवार से हैं और लगातार भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाए तथा लंबे समय से लंबित वाद का शीघ्र निस्तारण कराया जाए।बताया गया कि मामला वाद संख्या 02/2008-09, सीलिंग धारा-13, चौधरी हैदर हुसैन आदि बनाम अब्दुल मजीद आदि से संबंधित है, जिसका निस्तारण अब तक लंबित है।
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