सपा नेता पूर्व चेयरमैन मोहन साहू सहित तीन पर एफआईआर दर्ज, महिला ने लगाए छेड़छाड़ व जातिसूचक गालियां देने के आरोप
बांदा। शहर में पिछले दो दिनों से चल रही तरह-तरह की चर्चाओं का आखिरकार उस वक्त पटाक्षेप हो गया, जब थाना कोतवाली नगर पुलिस ने समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व नगर पालिका चेयरमैन मोहन साहू समेत तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। एक महिला की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से शहर का सियासी पारा चढ़ गया है और सपा खेमे में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के पद्माकर चौराहे के पास (फाटक के अंदर) रहने वाली गीता वर्मा पत्नी नईम मोहसिन ने 2 जून को कोतवाली में तहरीर दी थी। अपनी शिकायत में पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह राजघाट रोड (खुटला) स्थित बांके बिहारी मंदिर की ओर जा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान पूर्व चेयरमैन मोहन साहू अपने तीन अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने गाड़ी रोककर महिला के साथ बुरी नीयत से छींटाकशी की। जब इसका विरोध किया गया, तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया, भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। तहरीर में इस बात का भी स्पष्ट रूप से जिक्र किया गया है कि घटना के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया है। नगर कोतवाली पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर पूर्व चेयरमैन और उनके तीन साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस) की धारा 75, 352, 351(3) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वीए) के तहत मुकदमा (अपराध संख्या 0277) दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है और वायरल हो रहे वीडियो व अन्य साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। मुकदमा दर्ज होने के बाद शहर का माहौल पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। हमेशा अपने काम और कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व चेयरमैन के इस नए विवाद ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। लोग उनका पुराना राजनीतिक और सामाजिक इतिहास खंगाल रहे हैं। शहर के चौक-चौराहों पर तंज कसते हुए लोग इन पंक्तियों को दोहरा रहे हैं- "मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है... केवल पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। मत बैठ थक कर ए मुसाफिर अभी तो असली इम्तिहान बाकी है..." बहरहाल, इस पूरे विवाद में सत्य क्या है और आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसकी असली तस्वीर तो पुलिस की विवेचना के बाद ही साफ हो सकेगी। लेकिन फिलहाल, इस घटना से जुड़ी कहानी की परत-दर-परत खुलने का सिलसिला जारी है और हर किसी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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