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शासकीय महाविद्यालय कुरई में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस

शासकीय महाविद्यालय कुरई में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस

केएमबी अंजेलाल विश्वकर्मा

सिवनी। 26 जून 2022 को  नशीले पदार्थ के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस का आयोजन शासकीय महाविद्यालय कुरई में किया गया।  अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर मादक द्रव्य पदार्थ के सेवन से मानव जीवन पर होने वाले दुष्प्रभावों विषय पर पोस्टर व नारा लेखन प्रतियोगिता आयोजित कराई गई जिसमें शासकीय महाविद्यालय कुरई के विद्यार्थियों व राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों व स्वयंसेविकाओं ने उत्साह से भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं को सहायक कार्यक्रम अधिकारी तीजेश्वरी पारधी ने सम्पन्न करवाया। रासेयो स्वयंसेवक शिफा अंजुम, दुर्गा गिरी, रेहाना खान ने स्लोगन लेखन और शिरीन सुल्ताना खान, महिमा झारिया, कु आस्था रॉय, वैभव साहू ने पोस्टर के माध्यम से ड्रग फ्री इंडिया का संदेश दिया।नशा निषेध दिवस पर प्रो गहरवार पोस्टर के माध्यम से नशा मुक्त समाज की चेतना फैलायी। इस अवसर पर डॉ श्रुति अवस्थी, डॉ अखिलेश शेंडे, जयप्रकाश मेरावी, संतोष चंचल, डॉ कंचनबाला डावर ने भी स्वयंसेवकों को अपना मार्गदर्शन दिया। रासेयो प्रोग्राम ऑफिसर प्रो पंकज गहरवार ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 7 दिसम्बर 1987 को प्रस्ताव पारित करके 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस मनाने का निर्णय लिया था। सर्वप्रथम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ही शराब मुक्त भारत का स्वप्न अपनी आंखों में संजोया था। वह समूचे भारत मे समग्र रूप से मद्यनिषेध चाहते थे न कि विशेष राज्य या जिले में। वह परिवार, समाज एवं राष्ट्र पर शराबखोरी के पड़ने वाले कुप्रभावों से सुविज्ञ थे, इसीलिए बर्बादी के इस रास्ते पर चलने वाले लोगों को उन्होंने न सिर्फ सचेत किया, बल्कि शराब छुड़वाने के लिए लोगों से यह आव्हान किया कि वे दृढ़ प्रतिज्ञ हों। हमारे संविधान के आर्टिकल 47 के अनुसार- "राज्य, लोगों के पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊंचा करने और लोकस्वास्थ्य के सुधार को अपना प्राथमिक कर्तव्य मानेगा और मादक पेय तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक औषधियों के औषधीय प्रयोजन से भिन्न उपयोग का प्रतिषेध करने का प्रयास करेगा। यकीनन एक मजबूत भारत के लिए यह आवश्यक है कि हम भारत को ड्रग्स मुक्त देश बनाये। यह पहल शुरू भी हो चुकी है। नशा मनुष्य की शारीरिक और मानसिक शक्तियों को क्षीण करता है। "नशा नही अभी नही कभी नही" के मूलमंत्र का अनुसरण करें। नशा जैसे अभिशाप  से दूर रहने का संकल्प लें। नई सुबह करीब है।

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