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समय पर खाद्यान्न न मिलने से छात्रावास संचालन करने में आ रही हैं कठिनाइयां

जिले से समय पर खाद्यान्न ना मिलने से छात्रावास संचालन करने में हो रही कठिनाइयां

जिले के अधिकारी समय समय पर नहीं करते मॉनिटरिंग

केएमबी श्रावण कामड़े

बिछुआ। आदिवासी वर्ग को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए शासन द्वारा छात्रावासों की स्थापना गई है, जहां बच्चों को खानपान व रहने की सुविधा दी जाती है लेकिन वर्तमान में विकासखंड बिछुआ के आदिवासी छात्रावास में समय में बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नही बनने व खाद्यान्न की कमी से जूझ रहे है। राशन नहीं आने से छात्रावासों के बच्चों की खानपान व्यवस्था बिगड़ गई है। खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराए जाने से छात्रावास में बच्चों के खाद्यान्न के लिए बाजार से खाद्यान्न खरीदना पड़ रहा है जिससे छात्रावासों का व्यय बढ़ रहा है। प्रतिमाह बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की खपत इन छात्रावासों में होती है। ऐसे में बाजार से महंगे मूल्य में खाद्यान्न की खरीदी करनी पड़ रही है। छात्रावासों में बन रही इस समस्या से जिम्मेदारों को कोई सरोकार नहीं है। आदिवासी ब्लॉक बिछुआ में शासकीय कन्या शिक्षा परिसर छात्रावास बिछुआ शिक्षण सत्र 2022-23 में अध्ययनरत 420 छात्राओं में से मात्र 105 छात्राओं का ही खाघान्न प्राप्त हो रहा है जिससे छात्रावास संचालन में कठिनाईयां हो रही है। वर्तमान में छात्रावास शासकीय कन्या शिक्षा परिसर बिछुआ द्वारा 307 छात्राओं का अपडेशन पोर्टल पर किया जा चुका है। साथ ही अधीक्षक द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि उक्त छात्रावास का जुलाई 2022 एवं अगस्त 2022 का खाघान्ना आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। ग्रामीण अंचलों में रह रहे आदिवासी बच्चों को उचित शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए शासन ढेरों प्रयास कर रही है। आदिवासी अंचलों में छात्रावास बनाकर बच्चों को शिक्षा के शिक्षा के साथ ही अच्छे स्वास्थ्य के लिए मीनू के आधार पर भोजन मुहैया कराने राशि स्वीकृत भी की जा रही है लेकिन जमीनी स्तर के जिम्मेदार शासन की मंशा पर पानी फेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस सभी संबंध में जब हमारे संवाददाता ने जिला सहायक आयुक्त से बात किया तो सहायक आयुक्त के द्वारा कहा गया है कि जल्द से जल्द इन समस्याओं दूर किया जाएगा।

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