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शासन की मंशा के अनुरूप सूखाग्रस्त क्षेत्र में फसलों का किया गया निरीक्षण

शासन की मंशा के अनुरूप सूखाग्रस्त क्षेत्र में फसलों का किया गया निरीक्षण

केएमबी बीपी त्रिपाठी

मनकापुर,गोंडा। शासन के निर्देश पर सूखा से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया गया। उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप एवं जिलाधिकारी के निर्देशन में उप जिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक की अध्यक्षता मे गठित सर्वेक्षण दल द्वारा गिरधरपुर, बिशुनपुर चरेरा आदि गांवो में सूखा से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया गया।  सर्वेक्षण दल में डॉ. राम लखन सिंह शस्य वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर, गिरीश चंद्र मिश्रा उद्यान निरीक्षक, अवधेश दुबे कानूनगो ने मौके पर जाकर प्रभावित फसलों की जानकारी ली। मक्का, उड़द, मूंग आदि दलहनी फसलों में नुकसान ज्यादा देखा गया। गन्ना एवं धान आदि खरीफ फसलें सूखा के कारण प्रभावित हैं। कई जगहों पर फसलें पूरी तरह खराब हो गई है। ग्राम गिरधरपुर पूरे खजुही में राममणि सुपुत्र रामाधार की 5 बीघा मे बोई गई मक्का की फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है। देवता प्रसाद यादव की पांच बीघे में मक्का एवं उड़द की फसल भी सूखे के कारण खराब हो चुकी है। सूखे  से प्रभावित धान की फसल में कृषकों द्वारा निराई गुड़ाई भी नहीं की गई है। साथ ही प्रभावित खेतों में सिंचाई भी नहीं की जा रही है। सिंचाई में लागत ज्यादा आने के कारण कृषकों द्वारा सिंचाई नहीं की जा रही है। इस कारण फसल के  बचने की संभावना नही है। बलुई मिट्टी होने के कारण प्रत्येक सप्ताह सिंचाई की आवश्यकता होती है। वर्षा न होने के कारण कृषकों द्वारा धान एवं अन्य फसलों में दो से तीन सिंचाइयां निजी ट्यूबवेल से की गई हैं। इसके बावजूद वर्षा न होने के कारण फसल खराब हो गई। लागत बढ़ने के कारण प्रति इकाई क्षेत्रफल में शुद्ध आय की संभावना बहुत कम है। बागवानी फसलों में केला पपीता सब्जियों में बैंगन, गोभी, लौकी, परवल टमाटर आदि काफी खराब हो चुकी हैं। सर्वेक्षण के समय जयप्रकाश शुक्ला, जगन्नाथ देवता प्रसाद मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।

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