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राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर निकली जागरूकता रैली

राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर निकली जागरूकता रैली

केएमबी संदीप डेहरिया

सिवनी। शासकीय महाविद्यालय कुरई में राष्ट्रीय सेवा योजना(एनएसएस) का 53वां स्थापना दिवस 24 सितंबर 2022 को हर्षोल्लास से प्रातः 10:00 बजे महाविद्यालय के सामुदायिक भवन में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत रासेयो का लक्ष्य गीत ‘उठे समाज के लिए उठें, जगे स्वराष्ट्र के लिए जगे, स्वयं सजे वसुंधरा संवार दें’ से हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य श्री बी.एस. बघेल ने उपस्थित सभी स्वयंसेवकों को रासेयो स्थापना दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की। स्थापना दिवस कार्यक्रम में संस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त स्टॉफ व राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी पंकज गहरवार ने किया। रासेयो स्वयंसेवको जिनमें शिरीन खान, शिफा अंजुम, रेहाना खान, दुर्गा गिरि, मुदिता कोसे, शिल्पी मसराम, निकिता नागवंशी, अभिषेक नागवंशी, शैलेश भलावी एवं जितेंद्र मर्सकोले, ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर समाजशास्त्र विभागप्रमुख डॉ कंचनबाला डावर ने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवकों को हर परिस्थितियों में समाजसेवा के लिए आगे रहना चाहिए। सहायक कार्यक्रम अधिकारी तीजेश्वरी पारधी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना एक जीवन शैली है और व्यक्तित्व विकास व कौशल विकास की प्राथमिक पाठशाला है। समाज सेवा के माध्यम से विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास ही प्रमुख ध्येय है। अंग्रेजी विभागप्रमुख सारंग लडविकर ने कहा कि रासेयो हमें जीवन में सेवा भावना मृदु व्यवहार और अनुशासन का पाठ पढ़ाती है। प्रो. जयप्रकाश मेरावी ने स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्तित्व विकास एनएसएस के लिए गए अनुभवों की भूमिका अंत्यंत महात्वपूर्ण है।  रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रो. पंकज गहरवार ने कहा कि रासेयो की शुरुआत 24 सितंबर 1969 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री डॉ. वी. के. आर. वी. राव ने की। रासेयो दिवस की शुरुआत गांधी शताब्दी वर्ष में हुई क्योंकि गांधी जी का कहना था कि देश की सेवा में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। रासेयो स्थापना दिवस पर महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम के तहत रैली, पोस्टर, नारा लेखन, निबंध प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। जागरूकता रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने स्वच्छता, पर्यावरण, चिकित्सा, मधपान निषेध इत्यादि नारे लगाए। स्वंयसेवकों ने इस दौरान आदिवासी सामुदायिक भवन परिसर के आसपास श्रमदान कर स्वच्छता अभियान चलाया। इसके साथ ही स्वंयसेवकों ने आंगनवाड़ी में वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम समापन के अवसर पर रासेयो कार्यक्रम अधिकारी पंकज गहरवार ने मशहूर शायर निदा फाजली की पंक्तियों से कियाः-
‘‘धूप में निकलो घटाओं में नहाकर देखो,
 जिंदगी क्या है किताबों को हटाकर देखो।
 सिर्फ आंखों से ही दुनिया नहीं देखी जाती,
 दिल की धड़कन को भी बीनाई बनाकर देखो।।’’

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