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अमेठी के अनाथ बेटे को दुनिया की सब से बडी बीमारी ने बनाया शिकार

अमेठी के अनाथ बेटे को दुनिया की सब से बडी बीमारी ने बनाया शिकार

 जान बचाने के लिए 16 करोड के इंजेक्शन की जरूरत

केएमबी खुर्शीद अहमद

अमेठी। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र का मामला है, परिवार ने लगाई दीदी से मदद की गुहार है। मामला है उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद के मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा नारा अढ़नपुर के निहाल दुबे का पुरवा गांव का जहां निवास करने वाले 14 वर्षीय अनाथ बेटे को दुनिया की सबसे गंभीर बीमारी लग गई है। जिसका नाम स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी है। कहा जाता है कि यह गंभीर बीमारी करोड़ों लोगों में से किसी एक को होती है। आपको बता दें कि इसके जन्म से पहले ही इसके बाबा परलोक सिधार गए थे। इसकी एक बड़ी बहन भी है जो कक्षा 8 में पढ़ती है। इसके पिता की बहुत पहले ही सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है। मां ने दूसरा विवाह रचा लिया और वह अपने नए ससुराल में रहने लगी। प्रारंभ में वह अपने बेटे को साथ ले गई थी लेकिन सौतेले पिता के द्वारा प्रिंस के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता था इसलिए प्रिंस वहां से अपने मामा के घर चला गया और वहीं रहने लगा। इसी बीच प्रिंस को पैरों से दिक्कत होनी शुरू हुई और उसके चचेरे चाचा के द्वारा पहले रायबरेली से लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में दिखाया गया जहां पर जांच के उपरांत पता लगा कि प्रिंस को स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी नामक गंभीर बीमारी ने जकड़ रखा है जो धीरे-धीरे मांसपेशियों को खत्म करती जाएगी और आने वाले समय में उसके जीवन में संकट उत्पन्न हो जाएगा। इसका इलाज भारत में नहीं है विदेश से एक इंजेक्शन आता है जो बहुत ही महंगा है। डॉक्टरों ने बताया कि इस इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपए है। यही एक ऐसा इंजेक्शन है जो प्रिंस की जान बचा सकता है। गरीब परिवार बेचारा आखिर इतने रुपए लाए कहां से अब यह बड़ा सवाल है। इसके लिए परिजनों ने क्षेत्रीय सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह, स्थानीय सांसद स्मृति ईरानी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के मुखिया नरेंद्र मोदी सहित आम जनमानस से अपील की है कि प्रिंस के जीवन को बचाने की मे अपना योगदान करें जिससे किसी तरह से वह इंजेक्शन प्रिंस को लगाया जा सके और उसकी जान बच सके क्योंकि कहीं ना कहीं वह इकलौता अपनी बूढ़ी दादी के हाथों की लाठी है। उसकी दादी भी पैरालिसिस की शिकार है और घर में एक छोटी सी परचून की दुकान चलाकर दो वक्त की रोटी किसी तरह से खाती है। कहीं न कहीं यह प्रिंस अपनी दादी का सहारा है और उसकी दादी उसका सहारा है। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लवकेश कुमार सिंह ने ₹51000 की सहायता राशि देने की घोषणा किया है।

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