उत्तर प्रदेश का बड़का जिला प्रतापगढ़ जिसको पहले कभी अपराधगढ़ कहा जाता था
प्रतापगढ़। में अच्छी कानून व्यवस्था संभालने वाले आईपीएस अधिकारियों के नाम एवं उनके किए गए कार्यों का उल्लेख- आईपीएस एस आनंद ने जब जिले की कमान संभाली तो अपराध चरम सीमा पर था। आइपीएस एस आनंद ने अपराधियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देने के लिए कहां की अपराधी अगर पुलिस पर। गोली चलाते हैं तो पुलिस भी गोली का गोली से जवाब दे मुठभेड़ में कुछ बड़े अपराधी ढ़ेर हो गए।
उसके बाद जिले में ऐसे आईपीएस का आगमन हुआ जिनका नाम प्रतापगढ़ की जनता बहुत सम्मान से और आदरपूर्ण से लेती है। आज भी चाहे नेता हो किसी दल का या अधिवक्ता हो या पत्रकार हो या ग्राम प्रधान हो या बीडीसी हो या कोटेदार हो या जिला पंचायत सदस्य हो या आम संभ्रांत व्यक्ति हो उनकी आंखों में आज भी आईपीएस सतपाल अंतिल की तस्वीर झलकती हैं। अपराधियों के लिए सख्त पुलिस अधीक्षक थे वहीं आम नागरिकों के लिए जैसे कोई परिवार का मुखिया हो हर वक्त अपनापन कोई ईगो नहीं था। 3 वर्ष बेहतरीन कार्यकाल पूरा किया प्रतापगढ़ में उसके बाद शासन शासन ने उनके अच्छे कार्यों को देखते हुए उनका प्रमोशन कर दिया और मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बना दिया गया क्योंकि अपराधियों पर कठोर कार्यवाही करना एवं गरीब लोगों की मदद करना उनमें यह कुदरत का बड़ा देन था।आईपीएस सतपाल अंतिल जनपद में अपराधियों को धूल चटाना एवं 10:00 बजे से सुबह लेकर शाम लगभग 3:00 बजे जनता की समस्या सुनना। गंभीरता से उसके बाद आवास पर 30 मिनट आराम करके जनपद के विभिन्न कोनों में कानून व्यवस्था की हकीकत देखने के लिए भ्रमण करते रहते थे। अच्छी कानून व्यवस्था संभालने के साथ-साथ आम नागरिकों में भी लोकप्रिय रहे मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल। जमीन पर उतरकर कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जी जान से मेहनत करके प्रतापगढ़ को अपराध गढ़ से मुक्त कराकर प्रतापगढ़ बनाया।
उसके बाद आगमन हुआ आईपीएस डॉक्टर अनिल कुमार का जिन्होंने कानपुर विकरु कांड में अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। आईपीएस डॉक्टर अनिल कुमार प्रतापगढ़ की कमान संभालते हुए पूर्व के पुलिस कप्तान के कार्यों को आगे बढ़ते हुए। अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही करके कानून का नाम रोशन करना एवं लोगों को न्याय देना शुरू कर दिया। डॉ अनिल कुमार के ऊपर किसी बड़े नेता के दबाव का कोई प्रभाव नहीं रहता है निष्पक्षता से बिना डरे जो सही रहता है वही करते हैं। आईपीएस डॉक्टर अनिल कुमार ने बड़े-बड़े माफियाओं पर बड़ी कार्यवाही करके उनकी कमर तोड़ने का काम किया है। यही नहीं डॉक्टर अनिल कुमार में इंसानियत कूट-कूट कर भरी है क्योंकि अपनी गाड़ी से रास्ते में जनता की समस्या सुनकर वापस आते रहते हैं। कोई रोड के बगल घायल मिल जाता है तो गाड़ी तुरंत रोक कर अपने हाथों से इलाज करने लगते हैं और खाना पानी खाया है कि नहीं खाया है या सब पूछते नजर आते हैं ईश्वर की शक्ति है आईपीएस डॉ अनिल कुमार में। गलत होने पर पुलिस पर भी कार्यवाही करके सलाखों के पीछे भेजने में पीछे नहीं रहते हैं। कितना बड़ा क्यों ना हो माफिया कानून व्यवस्था के साथ जिसने खिलवाड़ करने की कोशिश की उसको कानून का पावर दिखाकर कानून की जंजीरों में बांध है।
जिले के पुलिस कप्तान डॉक्टर अनिल कुमार ने लगभग डेढ़ साल अच्छी कानून व्यवस्था संभाल कर उत्तर प्रदेश शासन प्रशासन के विश्वास को जीत लिया इसीलिए शासन प्रशासन ने उनका पद उन्नति करते हुए जनपद आजमगढ़ का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बना दिया है। अब प्रतापगढ़ की कानून व्यवस्था की कमान आईपीएस दीपक भूकर के हाथों होगी।
Tags
विविध समाचार
