कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सासंद व प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
बिछुआ। ब्लॉक कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बिछुआ के तत्वावधान में मंगलवार को भाजपा सांसद विवेक बंटी साहू एवं जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय से नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड पहुंचे। यहां पर पूर्व विधायक जतन उइके, जिला आदिवासी प्रकोष्ठ अध्यक्ष रामनारायण परतेती, अंतरलाल कुमरे, कोठीराम धुर्वे, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धनपत उइके, किरण कोडपे, सुनील धुर्वे, मनेश उइके व सचिन मर्सकोले ने सभा को संबोधित किया।
इसके उपरांत कार्यकर्ताओं ने सांसद बंटी साहू का पुतला दहन करने की कोशिश की, लेकिन बिछुआ पुलिस ने हस्तक्षेप कर उसे आंशिक रूप से ही जलने दिया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। तत्पश्चात तहसीलदार को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्दे
ज्ञापन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि –
आदिवासियों पर अत्याचार और बदले की कार्रवाई बढ़ी: जिले में आदिवासी जनप्रतिनिधियों और समाज पर प्रशासन द्वारा द्वेषपूर्ण कार्यवाही की जा रही है।
जुन्नारदेव विधायक की इमारत तोड़ी गई: सांसद के दबाव में जिला प्रशासन ने पूर्ण निर्मित मॉल इमारत को क्षतिग्रस्त किया, इसकी निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग।
हर्रई नगर परिषद की कार्रवाई पर सवाल: महिला जनप्रतिनिधि श्रीमती मनैसी देवी परतेती के खिलाफ 20% अवैध निर्माण के नाम पर दबाव बनाया जा रहा है, इसे रोकने की मांग।
छात्रावास में बच्चों की पिटाई: संयुक्त बालक आदिवासी छात्रावास छिंदवाड़ा के अधीक्षक सुनील सोनी द्वारा नाबालिग बच्चों की पिटाई पर केवल स्थानांतरण किया गया है, जबकि उन पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होना चाहिए।
वन विभाग की मनमानी:
बिछुआ ब्लॉक के आदिवासी किसानों की फसल नष्ट कर दी गई, जिसकी क्षतिपूर्ति व वनाधिकार अधिनियम के तहत पट्टा दिया जाए।
15–16 साल से कार्यरत वन विभाग चौकीदारों को हटाया जा रहा है, उन्हें यथावत पदस्थ किया जाए।
वन्यजीवों द्वारा जनहानि: बिछुआ ब्लॉक में बाघ के शिकार से दो लोगों की मौत हुई है, मुआवजा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख की जाए।
भू-अधिकार और भूमि हस्तांतरण:
कई आदिवासी वर्षों से जंगल की भूमि पर काबिज हैं लेकिन अभी तक वनाधिकार अधिनियम के तहत पट्टे नहीं मिले, तुरंत वितरण किया जाए।
आदिवासी भूमि को भाजपा संरक्षण में सामान्य वर्ग में स्थानांतरित किया जा रहा है, इसकी निष्पक्ष जांच की जाए।
सीएए-एनआरसी का विरोध: कांग्रेस ने कहा कि बिना दस्तावेज वाले आदिवासी वर्ग इस कानून से सबसे अधिक प्रभावित होंगे, इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाए।
राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर: जिले की तहसीलों में शासकीय भूमि की अवैध खरीदी-बिक्री हो रही है, इस पर जांच और कार्रवाई की जाए।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला पांढुरना कांग्रेस अध्यक्ष जतन उइके, जिला आदिवासी प्रकोष्ठ अध्यक्ष रामनारायण परतेती, संजय परतेती, दशरथ उइके, कोठीराम धुर्वे, अतरलाल कुमरे, राजू वाडिवा, मानिकराव मर्सकोले, शेषराव उइके, ब्लॉक कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ अध्यक्ष धनपत उइके, ब्लॉक पर्यवेक्षक रामकृष्ण माटे, नगर पर्यवेक्षक किशोर डोंगरे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह ठाकुर, श्रावण सिंगानदीपे, महासचिव विपिन उइके, युवक कांग्रेस नेता रिंकू पटेल, मनेशलाल उइके, किरण कुडोपे, प्रकाश उइके, राजकुमार मरावी, दीपक खड़से, सुनील साहू, निशिकांत धुर्वे, निवेश बेटेकर, विनोद भलावी, बलवान टेकाम सहित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, युवक कांग्रेस, महिला कांग्रेस पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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