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देवरिया मेडिकल कॉलेज की पानी टंकी में लाश मिलने के मामले मे डीएम जांच अधिकारी नामित


देवरिया मेडिकल कॉलेज की पानी टंकी में लाश मिलने के मामले मे डीएम जांच अधिकारी नामित 

केएमबी ब्यूरो
उत्तर प्रदेश के देवरिया में महऋषि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की पानी टंकी में लाश मिलने की जानकारी पर यहां एडमिट मरीजों व उनके तीमारदारों में भय का माहौल बन गया है. क्योंकि अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों में से कुछ ने इस पानी का इस्तेमाल पीने के लिए भी किया है. लिहाजा वे डरे व सहमे है कि कहीं उनमें कोई संक्रमण न फैल जाय।
 देवरिया से भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने भी मेडिकल कॉलेज घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बहुत दर्दनाक घटना है। मामले में एक कार्रवाई हुई है। प्रिंसिपल साहब को लखनऊ अटैच कर दिया गया है, ताकि निष्पक्ष रूप से यहां जांच व कार्रवाई हो सके। इसमें एक विषय है कि लाश किसकी थी? यह पता नहीं चल सका है।
पुलिस तहकीकात कर रही है, मैं बहुत दुखी हूं। आने वाले समय में पूरी तरह सतर्कता बरतनी पड़ेगी। सभी को यहां अच्छी सुविधा मिले यही हमारा प्रयास है। पानी के इस्तेमाल पर सांसद ने कहा कि हम लोगों को भी बड़ा अजीब लग रहा है। हम लोगों ने निरीक्षण किया है कि कहीं किसी को बीमारी तो नहीं हुई है। अभी तक तो यह पाया गया इसमें ऐसा कुछ नहीं है। अब पानी की व्यवस्था के लिए वैकल्पिक टैंकर लगाया गया है।
बता दें कि महर्षि देवरहा बाबा की ओपीडी व वार्ड की बिल्डिंग के पांचवे तल पर बनी सीमेंटेड पानी की टंकी से लाश बरामद हुई थी। कुछ लोगों ने पानी से बदबू आने की थी जिसके बाद सफाई कर्मी टंकी को साफ़ करने के लिए, जब टंकी पर चढ़े और स्लैब हटाया तो देखा उसमें एक सड़ी गली लाश पड़ी हुई है। जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई और फोरेंसिक टीम व फायर ब्रिगेड की टीम कई घंटे की मशक्कत के बाद रात में लाश को निकाला। लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी तक लाश की शिनाख्त नहीं हो सकी है। मंगलवार की सुबह डीएम दिव्या मित्तल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से जवाब मांगा गया है। डीएम ने सीडीओ के अध्यक्षता में पांच सदस्य वाली टीम भी गठित कर दी है।   अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश अमित कुमार घोष द्वारा डीएम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है और प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल को हटा दिया गया। उन्हें लखनऊ से सम्बद्ध कर दिया गया है। डॉक्टर रजनी जो एटा की एटोनॉमी विभाग की अध्यक्ष हैं, उन्हें प्राचार्य कार्यवाहक के रूप में नियुक्त कर दिया गया है।
 




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