अध्यक्ष और सभासदों में आरोप-प्रत्यारोप की जंग, सलेमपुर विधायक व राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम के पुत्र अभिषेक गौतम पर गंभीर आरोप
देवरिया। बैतालपुर नगर पंचायत की राजनीति इन दिनों आरोप प्रत्यारोप के दौर से गुजर रही है। नगर पंचायत के सभासदों ने प्रेसवार्ता कर राज्य मंत्री व सलेमपुर विधायक विजयलक्ष्मी गौतम के पुत्र अभिषेक गौतम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता प्रकाश पासवान की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
सभासदों का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता प्रकाश पासवान नगर के विकास से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय अभिषेक गौतम के नेतृत्व और निर्देश पर कर रही हैं। उनका कहना है कि सफाई कर्मियों की तैनाती से लेकर विकास कार्यों के प्रस्ताव तक अभिषेक गौतम के कहे अनुसार ही तय किए जा रहे
हैं, जिससे चुने हुए जनप्रतिनिधियों की भूमिका गौण हो गई है। सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर पंचायत के किसी भी वार्ड में न तो अलाव जलवाए गए और न ही जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। सभासदों का कहना है कि अध्यक्ष इस समय सलेमपुर विधायक व राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम के पुत्र अभिषेक गौतम के इशारों पर काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश रची जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान सभासद प्रतिनिधि रिंकू मणि, अजय पांडेय, बद्रीनाथ गुप्ता, मनसा देवी, अमरेंद्र सिंह, रामसूरत सिंह, मनोज पासवान, लवहर पासवान, मुस्कान कुमार आदि शामिल रहे।
वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता प्रकाश पासवान ने सभासदों के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अध्यक्ष का कहना है कि लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि 22 दिसंबर 2025 को कुछ सभासदों ने एकजुट होकर नगर पंचायत कार्यालय में उन्हें जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज की। इस संबंध में उन्होंने थाना, क्षेत्राधिकारी कार्यालय और पुलिस अधीक्षक को तहरीर दी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अध्यक्ष का कहना है कि उन पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य मंत्री के पुत्र या उनके परिवार के किसी सदस्य का उनके खिलाफ कोई प्रभाव होता, तो अब तक उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका होता। उन्होंने प्रशासन से मांग किया है कि जल्द से जल्द उन्हें सुरक्षा मुहैया कराया जाए। इस पूरे मामले ने नगर पंचायत की राजनीति को गरमा दिया है और अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
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