शासकीय महाविद्यालय कुरई में मानसिक स्वास्थ्य और टीबी जागरूकता विषय पर कार्यशाला आयोजित
सिवनी। शासकीय महाविद्यालय कुरई में राष्ट्रीय सेवा योजना व स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के संयुक्त तत्वाधान में मानसिक स्वास्थ्य और टी०बी० जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुरई से उपस्थित विषय विशेषज्ञ विलाश वानखेडे ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करता है। जिस प्रकार हम अपने शरीर का ध्यान रखते हैं, उसी प्रकार अपने मन का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। देखभाल, जुड़ाव, साहस, करुणा और निरंतरता मानसिक स्थिति बनाए रखने के लिए व्यवहारिक कदम हैं। आगे की कड़ी में उन्होंने टीबी के कारण लक्षण और बचाव पर प्रकाश डाला। प्राचार्य बी एस बघेल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य तनाव, चिंता और जीवन की अन्य कठिन परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना करने की क्षमता देता है। प्रो. पवन सोनिक ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य हमें समाज में योगदान करने और सकारात्मक प्रभाव डालने में सक्षम बनाता हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. पंकज गहरवार ने कहा कि असफलता ही सफलता की सीढ़ी हैं। असफलता से हमें निराश नहीं होना चाहिए, इतिहास साक्षी है, कि सफलता हमेशा उसी की सहभागी बनी हैं, जिन्होंने अनवरत प्रयास किए हैं।अपनी रुचि और क्षमताओं को भविष्य का पहिया बनाकर अपना लक्ष्य हासिल करें|
उमंग किशोर हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 14425 पर कॉल कर उचित परामर्श का लाभ उठाएं| प्रो. जे पी मरावी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होने से जीवन में संतुष्टि एवं खुशी मिलती है,जो सफलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। डॉ भवानी सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य और सफलता के लिए योगदान देने वाले कारक संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, समाजिक जुड़ाव, सकारात्मक सोच, सीखने की इच्छा पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान प्रो अग्रता स्वामी,प्रो पवन सोनिक, अलका नागले, रेहाना अंसारी, डॉ राजेंद्र कटरे और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।
असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो
जब तक सफल न हो, नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती