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आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है- एसडीएम पंकज मिश्रा

आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है- एसडीएम पंकज मिश्रा

अभाविप “मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन

केएमबी ब्यूरो इंद्रभान पाण्डेय
अमेठी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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