गरीबी से गौरव तक: ‘लखपति दीदी’ अनीता कनौजिया दिल्ली में होंगी सम्मानित
छिंदवाड़ा। जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ग्राम पिपरिया कला की अनीता कनौजिया ने साबित कर दिया कि दृढ़ हौसला और सही अवसर मिलने पर असंभव भी संभव हो सकता है। अनीता का विवाह एक साधारण परिवार में हुआ, जहाँ उनके पति सिलाई का काम करते थे। सीमित आय के बावजूद अनीता ने आत्मनिर्भर बनने का सपना नहीं छोड़ा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ने के बाद अनीता को स्वरोजगार प्रशिक्षण और ऋण सुविधा मिली। इसके दम पर उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत की और मेहनत व अनुशासन से धीरे-धीरे ‘लखपति दीदी’ बन गईं। अनीता ने केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने स्वयं शिक्षा प्राप्त की और अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर परिवार को आत्मनिर्भर बनाया। उनकी असाधारण सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है और उन्हें दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष आमंत्रित किया गया है। यह सम्मान न केवल अनीता के लिए, बल्कि उनके पूरे गांव और क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। अनीता की कहानी यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और महिलाओं का साहस ग्रामीण भारत में सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख सकता है।
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