माघ मेले की घटना को लेकर अमेठी में ब्राह्मण समाज में भारी नाराजगी
अमेठी। प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना को लेकर अमेठी जिले में ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस घटना की जिले के कृषि वैज्ञानिक पंडित इंदु कुमार पाठक ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे संत समाज और सनातन परंपरा का अपमान बताया। पंडित पाठक ने कहा कि माघ मेले के दौरान शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोके जाने और उनके शिष्यों के साथ कथित तौर पर मारपीट की खबरें बेहद निंदनीय हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण के लिए मेला प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए और उत्तर प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।इस मुद्दे को लेकर अमेठी के विभिन्न क्षेत्रों में ब्राह्मण समाज के लोगों ने नाराजगी जताई है। जेहटा उसराहा गांव के ग्राम प्रधान आशीष मिश्रा, गगन त्रिवेदी, जिला पंचायत प्रतिनिधि अखिलेश तिवारी, आशीष तिवारी सहित अन्य लोगों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी संत या धर्मगुरु के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं। ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाज के लोगों का कहना है कि संत समाज का सम्मान बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। घटना के विरोध में सोमवार को शंकराचार्य के शिष्यों और समर्थकों द्वारा सामूहिक राम नाम जप किया गया। इस दौरान प्रयागराज प्रशासन पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए शंकराचार्य से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई।ब्राह्मण समाज ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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