WhatsApp

Join KMB News WhatsApp Channel

Get instant Hindi & English news updates directly on WhatsApp.

घायल नीलगाय की तड़प-तड़प कर मौत, वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

घायल नीलगाय की तड़प-तड़प कर मौत, वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

केएमबी गंगा प्रसाद प्रजापति
अमेठी। तिलोई विकासखंड की ग्राम सभा अगौना में घायल अवस्था में पड़ी नीलगाय की समय पर इलाज और रेस्क्यू न मिलने से मौत हो गई। इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और वन्यजीव संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे नीलगाय को घंटों तड़पना पड़ा और अंततः उसकी मौत हो गई।ग्रामीणों के अनुसार गांव के बाहर खेतों के पास नीलगाय गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी हुई थी। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग के स्थानीय कर्मचारियों और डीएफओ कार्यालय को सूचना दी। फोन पर केवल “देखवा रहे हैं” कहकर जिम्मेदारी टाल दी गई। न तो कोई रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और न ही पशु चिकित्सक को भेजा गया। घायल नीलगाय कई घंटों तक दर्द से तड़पती रही। मौके पर मौजूद ग्रामीण उसकी हालत देखते रहे और बार-बार प्रशासन से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन सरकारी तंत्र की सुस्ती के कारण कोई सहायता नहीं मिल सकी। देर शाम नीलगाय ने दम तोड़ दिया।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते 1962 पशु एंबुलेंस, वन विभाग की रेस्क्यू टीम या पशु चिकित्सक को भेज दिया जाता, तो नीलगाय की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने इस मौत को प्राकृतिक न मानते हुए इसे लापरवाही का परिणाम बताया है।घटना के बाद ग्राम सभा अगौना में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है। वन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण को लेकर किए जा रहे दावों के बीच यह घटना जमीनी हकीकत को उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वन्यजीवों की सुरक्षा केवल कागजी दावों तक सीमित रह जाएगी।
और नया पुराने

Ads

Ads

نموذج الاتصال