SIR की नोटिस की सुनवाई में व्यक्तिगत पेशी से छूट, प्रतिनिधि भी अब रख सकेंगे पक्ष
लखनऊ। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में नोटिस पर सुनवाई के दौरान मतदाता को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी गई है। मतदाता अपना पक्ष रखने के लिए किसी और को भी अधिकृत कर सकते हैं। इसके लिए मतदाता एक आशय पत्र लिखकर उस पर अपना हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाकर दूसरे व्यक्ति को जवाब दाखिल करने के लिए ईआरओ के पास भेज सकेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया कि मतदाताओं की समस्याओं को देखते हुए यह सुविधा दी है। कई मतदाताओं की ओर से यह मांग भी की जा रही थी कि वह अपने निजी, ऑफिस व अन्य कारणों से बाहर जाने की वजह से व्यस्त हैं और नोटिस पर जो समय व तिथि दी गई है, उस पर आने में उन्हें कठिनाई हो रही है। ऐसे में चुनाव आयोग की ओर से उन्हें ईआरआर व एईआरओ के सामने स्वयं उपस्थित होने से छूट दे दी गई है। ऐसे 1.04 करोड़ मतदाता हैं, जिनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न हो पाने के कारण नोटिस भेजा गया है। अब इन्हें पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र या फिर शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित 13 दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज देने होंगे।
प्रक्रिया को सरल, सुलभ और समावेशी बनाने के लिए यह सुविधा दी गई है, जिससे लोगों के नाम न कटें। यही नहीं चुनाव आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in पर लॉगिन करके कोई भी व्यक्ति यह देख सकता है कि उसे आयोग की ओर से नोटिस जारी हुआ है या नहीं। डॉक्युमेंट अगेंस्ट नोटिस इश्यू पर क्लिक करके इसमें अपना वोटर आईडी नंबर भरेंगे और यह पता चल जाएगा कि नोटिस आया है या नहीं। अगर नोटिस आया है तो उसके जवाब में ऑनलाइन ही दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। उधर, मतदाता बनने को अभी तक 29.70 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरा है।
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