तिलोई से उठा UGC कानून के विरोध का तूफान, आदर्श प्रताप सिंह ने खून से लिखी प्रधानमंत्री को चिट्ठी
अमेठी। जनपद की तिलोई विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 18 से युवा जिला पंचायत प्रत्याशी आदर्श प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ ऐसा विरोध दर्ज कराया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। उन्होंने यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को “काला कानून” बताते हुए प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखकर अपना आक्रोश जाहिर किया। आदर्श प्रताप सिंह ने कहा कि यह कानून सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर हमला नहीं है, बल्कि हिंदुओं को आपस में लड़ाने की एक सोची-समझी साजिश है। उनका आरोप है कि इस तरह के नियम समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने का काम करेंगे, जिससे सामाजिक सौहार्द कमजोर होगा।“अगर सरकार किसी भी हालत में यूजीसी का यह कानून लागू करना चाहती है, तो उससे पहले आरक्षण व्यवस्था को खत्म कर देना चाहिए, क्योंकि यह कानून समानता की बात करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर भेदभाव को और बढ़ाएगा।”खून से लिखे गए पत्र में आदर्श प्रताप सिंह ने यह भी लिखा है कि नए यूजीसी नियमों से गरीब, ग्रामीण और सामान्य वर्ग के छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त होगी और शिक्षा का तेजी से निजीकरण होगा।युवा प्रत्याशी आदर्श प्रताप सिंह का कहना है कि शिक्षा देश की रीढ़ है और इसके साथ किसी भी तरह का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि छात्रों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से संवाद कर इस कानून पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।इस घटना के बाद तिलोई विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 18 सहित पूरे इलाके में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है। युवा वर्ग में इस विरोध को लेकर खासा जोश देखा जा रहा है और यूजीसी कानून के खिलाफ आवाज़ें लगातार बुलंद हो रही हैं।
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