श्री कृष्ण की बाल लीलाएं मनोरम और मधुर थी- डॉ नरेन्द्र पाण्डेय
अमेठी। क्षेत्र के सेमरौता कस्बे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन अमरकंटक मध्य प्रदेश से पधारे कथा व्यास डॉ नरेन्द्र पाण्डेय जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। अमरकंटक मध्य प्रदेश से पधारे कथा व्यास डॉ नरेन्द्र पाण्डेय जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान् बृज की रज अर्थात मिट्टी रोज खाते थे एक दिन श्री कृष्ण के भाई बलराम ने माँ यशोदा से शिकायत करते है तब माँ देखती है तो श्री कृष्ण के मुख में पूरा ब्रह्मांड नजर आता है यह देख माँ यशोदा हैरान हो जाती है भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के घर माखन चुराने गए। प्रभु गोपियों की मनोकामना की पूर्ति के लिए घर-घर जाते हैं माखन चुराने प्रभु अनेक प्रकार की लीलाएं कर सबके मन को मोहित करते हैं कथा व्यास ने प्रभु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं गोवर्धन पूजन ,अघासुर, धेनुकासुर का उद्धार व कालिया नाग की कथा का विस्तृत वर्णन किया।श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन सुन श्रोता हुए भाव विभोर हो गए कथा के बीच- बीच में भजनों पर श्रोता झूमते नजर आए।इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य यजमान सुरेश कुमार अग्निहोत्री व मनोज कुमारी कीर्ति बाजपेई गीता बाजपेई बैजनाथ अग्निहोत्री हेमेंद्र प्रताप सिंह सज्जन अवस्थी हिमांशु अवस्थी सधन बाजपेई अनुज मिश्रा ऋषभ सैनी सरवन सोनी आशू तिवारी नीरज पाठक सूनील तिवारी रेनू अवस्थी संजू बाजपेई निशा तिवारी सिम्पी तिवारी लवलेश अग्निहोत्री अम्बिका प्रसाद अग्निहोत्री राहुल अनिल लकी दीपेन्द्र प्रिंस बघेल देवेन्द्र द्विवेदी बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे।
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