दहेज उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई नहीं, एक हफ्ता बीत गया, अब तक न एफआईआर, न कार्रवाई
अमेठी। जनपद के बाजार शुकुल थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न और कथित एकतरफा तलाक का मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। पूरे जालिम मजरे बदलगढ़ निवासी विवाहिता मोबीन जहाँ ने आरोप लगाया है कि दहेज प्रताड़ना, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी की शिकायत थाना बाजार शुकुल में दिए हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न मुकदमा दर्ज किया गया और न ही किसी आरोपी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हुई।पीड़िता के अनुसार वर्ष 2016 में उसका निकाह जुबेर अहमद से हुआ था। विवाह में मोटरसाइकिल सहित दहेज दिया गया, लेकिन बाद में बुलेट मोटरसाइकिल की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। आरोप है कि पति, सास, ससुर, देवर और अन्य परिजनों ने मिलकर वर्षों तक उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।शिकायत के मुताबिक 30 जून 2026 को पति ने कथित रूप से एकतरफा "तलाक" देकर उसे घर से अलग कर दिया। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता का कहना है कि उसके तीन छोटे_छोटे बच्चों को भी उसके मायके छोड़ दिया गया, जिसके बाद वह पूरी तरह असहाय हो गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद तत्काल थाना बाजार शुकुल में लिखित प्रार्थना-पत्र दिया, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। इससे पीड़िता और उसके परिजनों में गहरा आक्रोश है।पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक और उच्चाधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर एफआईआर दर्ज कराने, निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि न्याय में हो रही देरी से आरोपियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और उन्हें लगातार भय और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है,इन छोटे छोटे नौनिहाल बच्चों का कुसूर क्या है,जिन्हें दर दर भटकने को मजबूर कर दिया गया है, प्रशासन से न्याय की आस में इन मासूमों का भविष्य अंधकार मै होता दिखाई दे रहा है।
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