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सफाई कर्मचारियों के मनमानी के चलते गांवो में गंदगी का लगा अंबार

सफाई कर्मचारियों के मनमानी के चलते गांवो में गंदगी का लगा अंबार 

केएमबी ब्यूरो रानू शुक्ला

बांदा। ग्राम पंचायत भरखरी बनी नरक पंचायत। ग्राम वासी कीचड़ युक्त पानी में रहने को मजबूर। स्थानीय विकास खंड बड़ोखर के ग्राम पंचायत भरखरी में सफाई कर्मचारी नदारद रहते है जिसके चलते गावो में जगह जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है लेकिन संबंधित अधिकारियों की गठजोड़ से इसका कोई व्यापक असर सफाई कर्मियों पर नहीं पड़ता जिससे सफाई कर्मचारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। अधिकारियों के रहमों करम से सफाई कर्मचारी घर बैठे उठा रहे हैं वेतन। बारिश के पानी के जलभराव के कारण ग्राम पंचायत  भरखरी वासियों को नरकीय जीवन जीने के लिए मजबूर है। वही ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया जो ग्रामवासियों के लिए नरक पंचायत बना हुआ है। सफाई के नाम पर सफाई कर्मचारी सरकारी पैसे का दुरुपयोग करके वेतन उठा रहे हैं। जगह-जगह की नालियां कीचड़ के दलदल से फटी पड़ी है जिसके चलते बारिश का पानी सड़कों और गलियों में हमेशा भरा रहता है और कभी नहीं निकल पाता जिसके चलते ग्राम पंचायत के लोगों को काफी मशक्कतो का सामना करना पड़ता है और नरकीय जीवन जीने पर मजबूर रहते हैं क्योंकि बीच रास्ते की सफाई और नालियों की सफाई कभी भी नहीं कराई जाती है। जो सफाई कर्मचारी तैनात है वह सिर्फ ग्राम पंचायत का वेतन तो उठा रहे हैं। ग्राम पंचायत में उनका कार्य कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। अधिकारियों ने जो सफाई कर्मियों को गांव की सफाई के लिए लगाया है करीब 7 साल से ग्राम पंचायत का काम कभी नहीं देखते हैं और सरकारी पैसे का दुरुपयोग लगातार किया जा रहा है जिसका खामियाजा ग्राम वासियों को भुगतना पड़ रहा है। प्रत्येक क्षण कीचड़ युक्त गंदा पानी और मलबा गलियों में हमेशा भरा रहता है जिससे वे तमाम प्रकार की बीमारियां भी जन्म ले सकती है। यदि जलभराव वाले गंदे स्थान का पानी अतिशीघ्र नहीं निकाला गया तो बीमारियां अपना पैर पसार लेंगी जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा।

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