2

केवलारी बागरी समाज समिति द्वारा सिवनी ज़िला कलेक्टर के नाम सौपा गया ज्ञापन

केवलारी बागरी समाज समिति द्वारा सिवनी ज़िला कलेक्टर के नाम सौपा गया ज्ञापन

गैर संवैधानिक किया जा रहा है विरोध, चोर, डकैत जैसे अभद्र भाषा का किया जा रहा है प्रयोग

केएमबी नीरज डेहरिया 

केवलारी सिवनी। मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का है जहां पर बागरी समाज समिति केवलारी ज़िला सिवनी द्वारा 21 सितंबर 2022 को सिवनी ज़िला कलेक्टर के नाम पर केवलारी नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें अनुसूचित जाति परिषद द्वारा अभद्र शब्दों के प्रयोग का विरोध स्वरूप अपना ज्ञापन देते हुए कार्रवाई की मांग की गई। बता दें कि केवलारी बागरी समाज समिति द्वारा अपने ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जिले की बागरी जाति जो कि संविधान के अनुच्छेद 341 के अंतर्गत म. प्र. राज्य की अनुसूचित जाति क्रमांक 02 में भारतीय राजपत्र सन 1976 मे क्षेत्रीय बंधन हटने के बाद से अधिसूचित है परन्तु सिवनी के कुछ संगठनों के द्वारा बागरी जाति को अनुसूचित जाति में न होने का बताते हुए सांसद ढालसिंह बिसेन का पुतला दहन का निंदनीय प्रयास गैर संवैधानिक विरोध दर्ज किया जा रहा है, जिससे कि आम लोगों में आक्रोश व्यापत है। उक्त विषय को गंभीरता से देखते हुए संवैधानिक व्यवस्था का विरोध करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही आवश्यक है। इस संबंध में अनुसूचित जाति परिषद द्वारा दिनांक 18 सितम्बर 2022 की रैली के परिप्रेक्ष्य में स्थानीय समाचार पत्र में महार एवं मेहरा जाति के चंद लोगों द्वारा बागरी जाति के खिलाफ 'चोर-डकैत' शब्द का इस्तेमाल किया गया है जो असंवैधानिक एवं गैर जिम्मेदराना कृत्य है, जिसकी बागरी जाति घोर निंदा एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की मांग करता है, साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की जावे जिससे भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो। जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि उपरोक्त विषय को संज्ञान में लेकर आवश्यक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का कष्ट करेंगे जिससे जन समुदाय में प्रशासन के प्रति विश्वास बना रहे व सिवनी जिले की बागरी जाति के मानवाधिकार एवं संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

7

8

6