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भागवत कथा का रसपान करने से जीवन धन्य हो जाता है- दीदी ऊषा रामायणी जी

भागवत कथा का रसपान करने से जीवन धन्य हो जाता है- दीदी ऊषा रामायणी जी

केएमबी खुर्शीद अहमद

अमेठी। बेलखरी के पांडेयपुर में भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन आज दीदी ऊषा रामायणी जी ने कहा कि भागवत महापुराण कथा का रसपान करने से जीवन धन्य हो जाता है। मां कालिका भवानी की पावन धरती के पांडेयपुर पुर बेलखरी में 21 जनवरी से भागवत कथा आयोजित है आज कथा का दूसरा दिन है। आज अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास दीदी ऊषा रामायणी जी द्वारा सृष्टि वर्णन एवं बराह भगवान का अवतार की लोगों को कथा‌ बताई। दीदी उषा रामायणी ने कहा कि भागवत कथा का हमेशा श्रवण करना चाहिए यह मुक्ति का साधन है भागवत महापुराण भगवान का रूप है भागवत सुनने से उसका रसपान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है उषा ने कहा कि यह कोई जरूरी नहीं कि आप किसी मंडप में भागवत की कथा सुनने जाएं तभी आपको उसका फल प्राप्त होगा क्योंकि हर वक्त भागवत की कथाएं नहीं होती रहती हैं ऐसे में भागवत  महापुराण पढ़कर भी रसपान किया जा सकता है जो फल सुनने में मिलना है वही फल भागवत महापुराण पढ़कर उसका रस पान करने से मिलता है खुद भी पढ़ें और दूसरे को भी सुनाये यह जीवन को धन्य बनाता है।दीदी उषा रामायणी जी ने कहा जिस तरह से आम के फल में तोता टोट मार देता है तो वह मान लिया जाता है कि यह फल मीठा है उसी तरह भागवत महापुराण सुखदेव जी रूपी तोते के मुंह से निकला हुआ मीठा रसपान है इसे ग्रहण करें जीवन सफल हो जायेगा। दीदी उषा रामायणी जी ने कहां कि  यदि हमारी ईश्वर में सच्ची श्रद्धा लगन व प्रीति है तो एक दिन हम सभी के हृदय में भक्ति देवी अपने पुत्र ज्ञान तथा बैराग के साथ हमारे हृदय में प्रविष्ट हो सकती हैं और जब भक्ति देवी अपने परिवार के साथ  हमारे हृदय में विराजमान हो जाएंगी तो निश्चित ही एक दिन  भगवान भी हमारे हृदय में अवश्य ही विराजमान हो जाएंगे। आज की कथा का श्रवण करने के लिए क्षेत्र के लोगों खासकर महिलाओं की भारी भीड़ रही हंस राम सिंह, चंद्रमान पांडेय, चंद्र भूषण तिवारी, सुरेश शुक्ल सहित क्षेत्र के तमाम संभ्रांत लोगों ने कथा श्रवण मे हिस्सा लिया।

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