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अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की बाराबंकी इकाई की बैठक संपन्न

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की बाराबंकी इकाई की बैठक संपन्न

केएमबी ब्यूरो
बाराबंकी। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत बाराबंकी इकाई की बैठक डॉ. विनय जैन के आवास, निकट एस.पी ऑफिस बाराबंकी में हुई जिसमें संगठन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशा सिंह तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पर्यावरण आयाम प्रमुख डॉ प्रमोद पांडेय का मार्गदर्शन में संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष यशपाल सिंह द्वारा की गई तथा कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय सचिव आशुतोष मिश्र द्वारा किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों का परिचय कराते हुए प्रांतीय सचिव आशुतोष मिश्र द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशा सिंह का निवास स्थल ग्वालियर में है, तथा 1991 से विभिन्न सामाजिक सेवाओं से जुड़ी रही है तथा भारत स्काउट गाइड की जिला गाइड कमिश्नर भी है, इससे पूर्व में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की केंद्रीय महिला आयाम प्रमुख रही हैं तथा विश्व हिंदू परिषद में मध्य प्रांत में प्रांत संयोजिका के दायित्व का निर्वहन कर चुकी है। तथा डॉ. प्रमोद पांडेय वर्तमान समय में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पर्यावरण आयाम प्रमुख का दायित्व पर है। इससे पूर्व में हुए अपने पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रहे हैं तथा उससे पूर्व अपने अवध प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री रहे हैं, वे बाल स्वयंसेवक है तथा नीति आयोग से वरिष्ठ अधिकारी के पद से सेवा निवृत्त हैं व अर्थशास्त्र विषय में पीएचडी की उपाधि धारण करते हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशा सिंह द्वारा भारत माता को प्रणाम तथा विवेकानंद जी को नमन करते हुए यह कहा गया की केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा सभी कार्यकारिणी के दायित्व अधिकारी गण का भारत के सभी प्रति में संगठनात्मकदृढ़ता हेतु प्रवास की योजना बनाई गई है। उसी क्रम में स्वयं के पास पास अवध प्रांत एवं गोरक्ष प्रांत की जिम्मेदारी है, और यहां पर संगठन को अधिकमजबूत करना है संगठन तभी मजबूत होगा जब सदस्यता अधिक से अधिक होगी। सर्वप्रथम बात शुद्ध के लिए युद्ध की है जब हम शुद्ध भोजन करते हैं तो हमारा मन मस्तिष्क भी शुद्ध रहता है तथा समाज में अच्छे से कार्य कर पाते हैं। इस शुद्ध के लिए युद्ध में, हम महिला आयाम के भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हैं घरेलू खाद्य सामग्री में मिलावट की स्थिति से हम सभी अवगत हैं, और उसकी गुणवत्ता को ठीक करना यह भी हमारा ही कार्य है महिला आयाम की कार्यकर्ता जब सशक्त होगी तथा निपुण होगी तो वह खाद्य सामग्री की मिलावट को आसानी से पहचान सकेगी जैसे हल्दी जिसमें खड़िया मिट्टी कलर आदि चीज मिलाई जाती हैं जब हम अपने कार्यकर्ता को निपुण करते हैं तो वह समाज के लोगों को निपुण करने का प्रयास करता है। इसके लिए सर्वप्रथम हम अपने जिले की कार्यकारिणी व तहसील इकाई की कार्यकारिणी को पूरा करने का प्रयास करें। इसके लिए 15 दिन अथवा एक महीने का समय हम ले सकते हैं। जन जागरण के कार्य में महिला आयाम की सहभागिता लेनी चाहिए महिला कई समूह जैसे किटी पार्टी, भजन मंडली, स्वयं सहायता समूह आदि में सक्रिय रहती हैं। महिलाओं के माध्यम से परिवार के बालक भी उस चीज को आसानी से सीख लेते हैं जब तक हम कार्य का वितरण नहीं करेंगे तब तक कार्य आगे नहीं बढ़ेगा हम इस संगठन से जुड़े गए हैं तो यह हमारी प्रतिष्ठा से जुड़ा है और इस कार्य को आगे ले जाना है। आशा सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत भी की और प्रश्न भी किया प्रश्न के उत्तर पर पूर्णेन्दु ने कहा संगठन जब विकसित होकर खड़ा होगा तो कार्य अपने आप बढ़ेगा इसलिए कार्यकर्ता का होना आवश्यक है। इस पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशा सिंह ने बताया कि हमें अधिक से अधिक सदस्यता करनी चाहिए जब हम सदस्यता अधिक से अधिक करते हैं तो हमें अच्छे कार्यकर्ता मिलते हैं और कार्यकर्ताओं से संगठन का निर्माण होता है। 
जिलाध्यक्ष राघवेंद्र द्वारा कहा गया कि हम जल्द से जल्द बाराबंकी इकाई की कार्यकारिणी पूरी कर लेंगे तथा तहसील पर स्तर पर कार्यकारिणी बनाने हेतु प्रयास करेंगे। इस पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्वारा कहा गया कि आप 15 दिन से एक माह के भीतर जिले के कार्यकारिणी तथा उसके उपरांत तहसील के कार्यकारिणी व्यवस्थित कर लें।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पर्यावरण आयाम प्रमुख प्रमोद पांडेय द्वारा अपने मार्गदर्शन में बताया गया कि पर्यावरण को हमें घर से व बाहर तक सभी स्थान पर ठीक रखना है। पर्यावरण में जितना हम वातावरण को ठीक रखेंगे, उतना ही पर्यावरण भी ठीक रहेगा। परिवार को ठीक करने के लिए यह आवश्यक है कि हम स्वयं को संस्कारित करें तथा परिवार के सदस्यों को भी संस्कारवान बनाएं। जैसे पुराने समय में हमारे पिताजी सब्जी लेने जाते थे तो झोला साथ लेकर जाते थे लेकिन आजकल का चलन है कि लोग खाली हाथ जाते हैं और पॉलिथीन में सामान लेकर आते हैं। इसे धीरे-धीरे बंद करना चाहिए हमें सामान लेने के लिए झोला रखने की आदत डालनी चाहिए। विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार सिर्फ मुंह से करने से नहीं होगा इसे आपको आदत में लाना पड़ेगा जैसे हमने शुरुआत की की चीन की झालर उपयोग में ना लाई जाए इसके लिए जागरण किया तथा उसका बहिष्कार किया तो धीरे-धीरे व्यापारी भी अब चीन की झालर दुकान पर नहीं रखता है। क्योंकि उसे पता है कि उसका माल नहीं बिकेगा। हम दिवाली और धनतेरस पर चीन की झालरों का बहिष्कार करते हुए मिट्टी के दिए वितरण करते रहे हैं, जिससे स्वदेशी का एक जागरण हो सके धीरे-धीरे हम लोगों के प्रयास से चीन की झालर अब कम हो गई है। हम सभी जब संस्कारवान होंगे तो पर्यावरण भी शुद्ध होगा।
बस्ती न्यायालय के स्पेशल मजिस्ट्रेट सुधीर निगम द्वारा कहा गया के आजकल प्रातः जब हम अखबार का पन्ना खोलते हैं तो बड़ा-बड़ा विज्ञापन देखते हैं कि उक्त कोचिंग से पढ़कर फला व्यक्ति प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर हो गया, फला व्यक्ति इंजीनियर हो गया, फला व्यक्ति किसी विशेष सेवा को में चयनित हो गया जबकि यह सारी सूचना भ्रामक होती है। नए कानून के अनुसार उन्हें इस पर सजा मिल सकती है। हमें इसके लिए जागरूक रहना चाहिए और अपने कार्यक्रम के माध्यम से समाज के व्यक्तियों को जागरूक करना चाहिए। भ्रामक विज्ञापन पर नए कानून के अनुसार दंड का प्रावधान है। इस पर हम आप कार्य कर सकते हैं यह कार्य ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यम से हो सकता है। इसमें यह आवश्यक नहीं कि आप किसी वकील के पास जाए यह आप स्वयं कर सकते हैं इसमें आपको थोड़ा सा जागरूक करने की आवश्यकता है। आप अपने अधिकारों को जितना अधिक जानेंगे आप उतना ही सुरक्षित रहेंगे तथा अन्य लोगों की सहायता भी करेंगे।
डॉक्टर विनय जैन द्वारा अपने मार्गदर्शन में बताया गया कि पहले एक विज्ञापन आया करता था जिसमें किटकैट चॉकलेट को तोड़ने के तरीके को बहुत ही प्रभावित करने वाला दिखाया जाता था जिससे हम सभी लोग प्रभावित होकर किटकैट चॉकलेट को लेते थे। बाद में हमें पता चला कि उस चॉकलेट में बीफ मिलाया जा रहा है जो कि अपने धर्म संस्कृति के अनुसार बहुत ही अनुचित है। हम लालच में न आए और किसी भी भ्रामक चीजों से प्रभावित न हो यह हमारा दायित्व है हम ग्राहक हित की बात करें और अधिक से अधिक करें। 
कुटुंब प्रबोधन से के कृष्ण कुमार द्वारा अपनी मार्गदर्शन में कहा गया कि परिवार का अर्थ मैं, मेरी पत्नी, मेरे बच्चे जबकि कुटुंब का अर्थ वृहद है कुटुंब में माता-पिता, बाबा दादी, चाचा उनके बच्चे, व आपका पूरा परिवार सम्मिलित होता है, कुटुंब के विकास के लिए हम सभी को कार्य करना चाहिए जब हमको कुटुंब में होते हैं तो हम अधिक मजबूत व सुरक्षित होते हैं।
प्रांतीय संगठन मंत्री राम प्रताप सिंह बिसेन द्वारा बताया गया कि अप्रैल माह में राष्ट्रीय साधारण सभा में अपने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य श्रीमान अशोक त्रिवेदी जी से सुना था कि अगला विश्व युद्ध अर्थव्यवस्था को लेकर होगा। आज हम देख रहे हैं अमेरिका सभी देशों पर अलग-अलग तरह की टेरिफ रेट लग रहा है। कुछ देश इसका विरोध कर रहे हैं, कुछ उस पर अपनी प्रतिक्रिया की योजना बना रहे हैं। आज से 50 वर्ष पूर्व ग्राहक के बारे में विचार करने वाला कोई नहीं था। वरिष्ठ प्रचारक दातोपंत ठेंगड़ी द्वारा एक पुस्तक लिखी गई जिसका हिंदी में अनुवाद था "संप्रभुता विहीन राजा" यह बात उन्होंने ग्राहक के विषय में ही कही थी कि वह एक ऐसा राजा है जिसे अपने लिए वस्तु क्रय करने के लिए स्वतंत्रता तो है परंतु जागरूकता नहीं है। सन 1974 में संघ की वरिष्ठ प्रचारक स्वर्गीय बिंदु माधव जोशी द्वारा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की स्थापना की गई। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत विश्व का सबसे बड़ा ग्राहक संगठन है। इसका एक पूरा प्रभाव है और प्रबंधन तंत्र है। हम कोई उग्र आंदोलन नहीं करते हैं हम शांतिपूर्ण आंदोलन करते हुए जागरण करते हैं। उपभोक्ता संरक्षण कानून, सोने की वस्तुओं पर हॉलमार्क, रेरा संबंधित कानून, बैंक एफडी पर ₹ पांच लाख तक की गारंटी आदि हमारी मुख्य उपलब्धि रही है। अभी हम एम.आर.पी. विषय पर कार्य कर रहे हैं। विक्रय मूल्य का नियंत्रण होना चाहिए किसी भी वस्तु पर उसकी लागत मूल्य भी लिखा जाना चाहिए जैसे हृदय रोग का इलाज करने के लिए पहले स्टंट ढाई लाख रुपए का पड़ता था परंतु अब सरकार की जागरूकता के कारण वह मात्र ₹40000 में लग जा रहा है। ग्राहकों को ठगी से बचना होगा और उन्हें जागरूक करना होगा ग्लोबल वार्मिंग चल रही है, हम प्रकृति से अगर कुछ ले रहे हैं तो प्रकृति को देना भी हमारा धर्म है।
प्रांतीय उपाध्यक्ष ओमकार पांडे द्वारा बताया गया जो ग्रहण करता है वह ग्राहक है और जो उपभोग करता है वह उपभोक्ता है अपनी ग्राहक समाज को हमें जागरूक करने की आवश्यकता है तथा अपनी संस्कृति व्यवस्था के अनुसार कार्य करते हुए जो वस्तुएं ग्रहण योग्य है वही हम संयम के साथ उपभोग करें तो एक अच्छे समाज राष्ट्र का निर्माण कर सकेंगे आज कल यूटुब व गूगल व मोबाइल ऑनलाइन गेम बच्चों पर पूरा असर डाल रहा है, तथा हम ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार भी हो रहे हैं, हमें यह भी देखना है कि हम इस धोखाधड़ी से किस प्रकार बच सकते हैं, हम जागरूक होंगे तभी इन चीजों से बच सकेंगे। 
प्रांतीय पर्यावरण आयाम प्रमुख प्रकाश चंद्र बरनवाल द्वारा कहा गया कि हमें वातावरण को शुद्ध बनाना है अभी 5 जून 2025 को पर्यावरण दिवस पर हमने बक्शी के तालाब के पास कठवारा गांव में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संबंधी कार्यक्रम किया गया है, हम देखते हैं की पशु प्लास्टिक खा रहे हैं, हम कोई भी वस्तु ले आते हैं तो उसे प्लास्टिक में ले आते हैं हमें यह देखना होगा की सिंगल यूज प्लास्टिक कम से कम उपयोग हो, हम उस प्लास्टिक का प्रयोग करें जिसे रीसायकल किया जा सकता हो। 
उक्त बैठक में सुमन सिंह, पूनम सिंह, शिखा भारती द्वारा भी अपने विचार रखे गए।
 अध्यक्ष उद्बोधन में प्रांतीय अध्यक्ष यशपाल सिंह द्वारा केंद्र से आए हुए राष्ट्रीय अधिकारियों को अवध प्रांत में आने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया, और कहां गया की देश में बड़ी चुनौतियां विकराल रूप लेकर खड़ी है, हम जन्म से ग्राहक हैं और हम ग्राहक पंचायत के लिए कार्य भी कर रहे हैं, उपभोक्तावाद में समाज को लूटने का कार्य किया जा रहा है , जैसे छोटे डॉक्टर व छोटी डिस्पेंसरी धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है, मल्टीनेशनल हॉस्पिटल बनते जा रहे हैं जहां ऑपरेशन तक के लिए टारगेट निर्धारित किया जाता है और शोषण किया जाता है जिनका ऑपरेशन नहीं करना है। टारगेट के चलते उनका भी ऑपरेशन कर दिया जाता है जो की उचित नहीं है। इसके लिए हमें अधिक से अधिक कार्य करना है। समाज को जागरूक करना है इसे ठीक करना है। अवध प्रांत में 13 जिले हैं, हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि घर-घर सदस्य हो, समय लग सकता है, लेकिन यदि अधिक से अधिक सदस्यता होगी तो हमारी आवाज दूर तक जाएगी। सत्य की रक्षा के लिए हम कार्य कर रहे हैं। हम अवश्य सफल होंगे ।अब मल्टी एडिशनल स्कूल भी स्थापित हो रहे हैं जिसमें शिक्षा को व्यवसाय बनाना जा रहा है, आर्थिक रूप से लोगों का शोषण किया जा रहा है, किताबों की अधिक से अधिक एमआरपी लिखी जा रही है, जो की उचित नहीं है। पर्यावरण पर हमारा संगठन कार्य कर रहा है हमारा स्वस्थ जीवन ही सबसे बड़ी धरोहर है जब वातावरण प्रदूषित नहीं रहेगा तो यह धरोहर सुरक्षित रहेगी किन-किन चीजों से प्रदूषण हो रहा है यह देखना है जैसे प्लास्टिक जिससे कैंसर तक की स्थितियां आने लगी हैं पिछले 30 वर्ष पूर्व ऐसा नहीं था लोग कम बीमार होते थे अभी यदि इस पर विचार किया जाए कि यह रोग इतना क्यों बढ़ रहा है तो उस पर एक ही बात आ जाती है प्लास्टिक। हमें प्लास्टिक मुक्ति के लिए कार्य करना है जो की आवश्यक है। 
संगठन मंत्र तथा कल्याण मंत्र लखनऊ महानगर अध्यक्ष लक्ष्मीकांत द्वारा कराया गया। उक्त बैठक में कृष्ण कुमार सिंह, प्रकाश चंद्र बरनवाल, ओमकार पांडे, लक्ष्मीकांत, पवनेंद्र प्रताप सिंह, विजय शंकर पांडे, शेषनाथ तिवारी, आकाश सिंह, अनिल सिंह, सुधाकर सिंह, मनीष गोस्वामी, धीरेंद्र सिंह भदोरिया, दीप सिंह, अमित सिंह सूर्यवंशी, देवेश कुमार तिवारी, दीपक कुमार वर्मा, भानु प्रताप सिंह, अजय प्रताप जय माता दी, डॉ विनय कुमार जैन, जितेंद्र शर्मा, राघवेंद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र कुमार कश्यप, पूनम सिंह, सुमन सिंह, राम प्रताप सिंह, आशुतोष, सुनील कुमार निगम, देवेश चतुर्वेदी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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