उभेगांव मार्ग बना मौत का फंदा- गड्ढों से हादसों की बरसी!
विभाग की नींद अब भी गहरी- जनता का सब्र टूटने की कगार पर
बिछुआ न्यूज। छिंदवाड़ा जिले का बिछुआ-उभेगांव मार्ग इस समय मौत को खुला न्यौता दे रहा है। जहां कभी सड़क हुआ करती थी, वहां अब गहरे गड्ढों का साम्राज्य है। इन गड्ढों में रोजाना हादसे हो रहे हैं, लेकिन विभागीय अफसर और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं।
पाइप लाइन बनी सिरदर्द
कुछ माह पूर्व पाइप लाइन डालने के लिए सड़क खोदी गई थी। काम पूरा तो कर लिया गया, मगर सड़क दुरुस्ती की परवाह किसी ने नहीं की। नतीजा – जगह-जगह खतरनाक गड्ढे। बारिश में यह गड्ढे तालाब बन जाते हैं और दोपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर खून से लथपथ हो जाते हैं।
हर दिन हादसे – मौत के कुएं से गुजरना मजबूरी
ग्रामीण बताते हैं कि हालात इतने भयावह हैं कि इस मार्ग पर सफर करना मानो जान हथेली पर लेकर चलना है। बच्चे हों या बुजुर्ग, सभी इस सड़क से गुजरने में खौफ खाते हैं। हादसे अब रोज की कहानी बन चुके हैं।
नागरिकों का गुस्सा फूटा
ग्राम के वरिष्ठ नागरिक अंकित ने कहा – “पाइप लाइन खोदकर सड़क मरम्मत न करना प्रशासन का सीधा खिलवाड़ है। यह लापरवाही किसी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।”
युवक संदीप का कहना है – “रात में इस सड़क पर चलना मौत को न्यौता देने जैसा है। अगर किसी की जान गई तो जिम्मेदार सिर्फ विभाग होगा।”
आंदोलन की चेतावनी – सब्र का बांध टूटने को तैयार
ग्रामीणों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि तुरंत सड़क मरम्मत नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। जनता का कहना है कि यह केवल सड़क का मुद्दा नहीं, बल्कि विभागीय भ्रष्टाचार और लापरवाही का खुला सबूत है।
सवाल अब भी बरकरार है – उभेगांव मार्ग पर रोज हो रहे हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा? कब जागेगा प्रशासन?
जनता अब सीमा पर है, और हालात यही रहे तो यह मार्ग कभी भी बड़े जनविरोधी आंदोलन की चिंगारी बन सकता है।
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