व्यक्ति मन से परिश्रम करता है तो पूरी कायनात उसे देखती है- न्यायमूर्ति बीआर सिंह
सुल्तानपुर। राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज में विधि के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं विषयक संगोष्ठी का आयोजन बड़े विधिवत ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति बी.आर. सिंह ने विधि क्षेत्र में उत्पन्न होते रोजगार के नए अवसरों तथा वर्तमान चुनौतियों पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। न्यायमूर्ति बी.आर. सिंह ने कहा कि आज के बदलते परिप्रेक्ष्य में विधि क्षेत्र में दक्षता, नयापन और न्यायिक सोच आवश्यक है, जिससे युवाओं को न केवल रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि समाज के विकास में भी उनका योगदान सुनिश्चित होगा। व्यक्ति मन से परिश्रम करता है तो पूरी कायनात उसे देखती है। विद्यार्थियों को लॉ के क्ष्रेत्र में वैल्यू के साथ काम करने की आवश्यकता है। दृढ़ संकल्प से तैयारी सफलता दिलाती है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक बालचंद्र सिंह द्वारा न्यायमूर्ति बी.आर. सिंह का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करके किया गया। प्राचार्य प्रो. डी.के. त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए विधि क्षेत्र में युवाओं के समक्ष रोजगार की दिशा में विस्तार से जानकारी दी। अध्यक्ष क्षत्रिय शिक्षा समिति एडवोकेट संजय सिंह ने भी इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने अनुभव एवं दृष्टिकोण साझा करते हुए बताया कि विधि क्षेत्र में अनुसंधान, कानूनी सलाहकारिता, विधिक सेवा, न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में रोजगार के अनेक अवसर हैं, जिन्हें आज के युवा सशक्त रूप से अपना सकते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. निशा सिंह ने किया। इस अवसर पर जनपद के प्रतिष्ठित अधिवक्तागण, प्रबंध समिति के सदस्यगण, शिक्षकगण, राणा प्रताप विधि महाविद्यालय के कर्मचारीगण और छात्रगण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सार्थक एवं ज्ञानवर्धक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार मथुरा प्रसाद सिंह ने न्यायमूर्ति बी आर सिंह को अभिनन्दन पत्र प्रदान किया जिसको उन्होंने पद्य में रचित किया है। कार्यक्रम का समापन एक प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ, जिसमें न्यायमूर्ति बी.आर. सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करते हुए न्यायिक क्षेत्र में सेवा एवं उन्नति का मार्ग अपनाएं।
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