शिक्षक स्टाफ हटाओ को लेकर थुयेपानी के बच्चों की मुहिम, बच्चे पढ़ाई छोड़ पहुंचे छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय
बिछुआ। विकासखण्ड बिछुआ के अंतर्गत आने वाले ग्राम थुयेपानी के बच्चों और पालकों ने सोमवार को अपनी पढ़ाई छोड़कर सीधे छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर शिक्षा विभाग की अनदेखी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
तख्ती लेकर पहुंचे बच्चे
विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे हाथों में तख्तियाँ और पोस्टर लेकर पहुंचे, जिन पर लिखा था –
“हमें शिक्षक दो, शिक्षा का अधिकार दो”
“बिना पढ़ाई नहीं चलेगा”
“हमारा भविष्य मत बिगाड़ो”
बच्चे पूरे जोश के साथ नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय परिसर तक पहुंचे। उनकी आवाज़ ने वहां मौजूद हर अधिकारी और कर्मचारी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
पालकों का आक्रोश
पालकों ने कहा कि शिक्षा विभाग की लापरवाही से गांव के बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। सरकार शिक्षा की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि ग्रामीण बच्चों के पास शिक्षक ही नहीं हैं।
एक अभिभावक ने कहा – “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे भी शहर की तरह पढ़ाई करें, लेकिन यहां तो हालात ऐसे हैं कि बच्चों को बुनियादी शिक्षा से भी वंचित किया जा रहा है।”
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पर सवाल
गांव के लोगों ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि शिकायतें करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर बच्चों और पालकों को अपनी पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ा।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद पालकों और बच्चों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें तत्काल शिक्षक स्टाफ की नियुक्ति करने की मांग रखी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
कलेक्टर कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और शीघ्र ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गांव में रोष का माहौल
इस घटना के बाद थुयेपानी गांव में गुस्सा और नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि प्रशासन ने समय पर शिक्षक उपलब्ध नहीं कराए तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
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