बुजुर्ग ने अवैध निर्माण रोकने की मांग की तो तहसीलदार सदर ने मांगी आख्या
मांधात, प्रतापगढ़। बुजुर्ग ने अपनी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण पर तहसीलदार सदर के यहां शिकायती पत्र देकर अवैध निर्माण रोके जाने की मांग की तो तहसीलदार द्वारा हो रहे निर्माण को रोकने के बजाय राजस्व निरीक्षक से आख्या मांगी गई। पूरा मामला जिले की मांधाता ब्लॉक के ग्राम पंचायत पनियारी का है जहां के बुजुर्ग सिद्धनाथ सिंह का कहना है कि उनकी जमीन पर गांव के ही भीमसेन दुबे आदि जबरन अवैध निर्माण कर रहे हैं, रोकने पर यह लोग मारपीट पर आमादा होते हैं। बुजुर्ग का कहना है कि उसने अवैध निर्माण को रोके जाने के लिए थानाध्यक्ष मांधाता एवं स्थानीय लेखपाल को भी अवगत कराया था लेकिन स्थानीय लेखपाल द्वारा कोई कार्रवाई न करते हुए यह कहा गया कि अगर अवैध निर्माण होगा तो वह गिर जाएगा। बुजुर्ग सिद्धनाथ स्थानीय प्रशासन की हीलाहवाली से क्षुब्ध होकर 27 जनवरी 2026 को तहसीलदार सदर को शिकायती पत्र देते हुए अपनी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकने की मांग की। बुजुर्ग का कहना है कि अवैध निर्माण रोकने के स्थान पर तहसीलदार द्वारा आख्या मांग कर विपक्षी गण को अवैध निर्माण करने के लिए करने के लिए रास्ता खोल दिया क्योंकि आख्या इतनी जल्दी नहीं आएगी नहीं और जब तक आएगी तब तक अवैध निर्माण बनकर खड़ा हो जाएगा। तहसीलदार सदर द्वारा उसके साथ न्याय नहीं किया गया क्योंकि जब अवैध निर्माण बनकर खड़ा ही हो जाएगा तो उसके लिए न्याय पाना मुश्किल ही नहीं असंभव हो जाएगा। बुजुर्ग सिद्धनाथ का कहना है कि वह तहसीलदार के समक्ष अपनी फरियाद लेकर इस उम्मीद एवं विश्वास के साथ गया था कि उसकी फरियाद को तहसीलदार साहब सुनेंगे और उसके साथ न्याय करेंगे लेकिन उसे सुनने के बजाय तहसीलदार सदर विपक्षी गण के साथ खड़े नजर आए। ऐसी स्थिति में बुजुर्ग सिद्धनाथ न्याय के लिए किस अधिकारी का दरवाजा खटखटा बड़ा सवाल है?
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