यूजीसी कानून बना भाजपा के लिए सियासी तूफान, भाजपा बूथ अध्यक्ष का इस्तीफा
विचारधारा से समझौता नहीं, जिलाध्यक्ष को पत्र भेजकर छोड़ा पद
अमेठी। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी और एनएसडी एक्ट से जुड़े कानूनों को लेकर अमेठी में भाजपा संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। अमेठी सिंहपुर ब्लॉक के टेढ़ी स्थित बूथ संख्या 53 के भाजपा बूथ अध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इन कानूनों पर असहमति जताते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ल को अपना त्यागपत्र भेजा है। आलोक कुमार श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया और रजिस्ट्री के माध्यम से भेजे गए अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि यूजीसी व एनएसडी एक्ट से जुड़े कानून समाज में विभाजन पैदा करने वाले हैं और यह उनके वैचारिक, सामाजिक व नैतिक सिद्धांतों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णयों से जुड़े रहना उनके आत्मसम्मान और विचारधारा के खिलाफ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन कानूनों को बिना पर्याप्त संवाद और सहमति के लागू किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। श्रीवास्तव ने सरकार से आग्रह किया है कि इन कानूनों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और सभी पक्षों से संवाद के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए।बताया जा रहा है कि आलोक कुमार श्रीवास्तव पिछले 17 वर्षों से बूथ संख्या 53, ग्रामसभा टेढ़ी में भाजपा बूथ अध्यक्ष के रूप में सक्रिय थे। हालांकि मंडल अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव ने पुष्टि करते हुए कहा कि पिछले पांच महीनों से आलोक कुमार पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय नहीं थे और एस आई डब्ल्यू सहित अन्य दायित्व किसी अन्य कार्यकर्ता द्वारा निभाए जा रहे थे।इधर, जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ल ने कहा कि उन्हें इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। पूरे मामले पर मंडल अध्यक्ष से रिपोर्ट तलब की जा रही है और संगठन स्तर पर स्थिति की समीक्षा की जाएगी।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह इस्तीफा यूजीसी कानून को लेकर बढ़ते असंतोष का संकेत है, जो आने वाले समय में भाजपा के लिए संगठनात्मक चुनौती बन सकता है।
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