हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश देता मीर साहब बाबा का 1023वां उर्स, हजारों अकीदतमंदों की रही सहभागिता
जायस,अमेठी। हिन्दू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे के प्रतीक हजरत मीर इमामुद्दीन किल्ची रहमतुल्लाह अलैह (मीर साहब बाबा) का 1023वां उर्स मुबारक पारंपरिक शान-ओ-शौकत, अदब और एहतराम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।कंचाना स्थित मीर साहब बाबा की आस्ताने से गागर और चादर का भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जुलूस कंचाना से प्रारंभ होकर अस्पताल चौराहा, बस स्टेशन, दरगाह मोड़ हनुमान मंदिर, वहाबगंज और खरका गोरियाना होते हुए पूरे सर्कुलर रोड का भ्रमण करता हुआ पुनः दरगाह परिसर में संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर जुलूस का स्वागत किया।अकीदतमंदों द्वारा जगह-जगह जलपान एवं शर्बत की व्यवस्था की गई थी, जिससे आपसी सौहार्द और सेवा भावना का परिचय मिला। उर्स के दौरान नगर में विशेष साफ-सफाई की व्यवस्था की गई। नगर पालिका परिषद जायस की ओर से मार्गों पर चूना छिड़काव और स्वच्छता अभियान चलाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी के जवान भी जगह-जगह मुस्तैद रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।इस अवसर पर रिजवान अशरफ, हाजी इशरत हुसैन एडवोकेट, सभासद शरीफ कुरैशी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मनीषा सिंह, पूर्व अध्यक्ष राम नारायण कनौजिया, छोटे लाल गौतम, हाजी अकील कुरैशी, महेश प्रताप सोनकर, आस मोहम्मद, शाकिब अल हसन, संतोष कनौजिया, रामशंकर पाल, शानू, हाजी नफीस सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।उर्स के आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जायस की गंगा-जमुनी तहजीब आज भी जीवंत है और सामाजिक समरसता की मिसाल कायम किए हुए है।
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