पिता ने नम आंखों से दी शहीद बेटे को मुखाग्नि, मराठा रेजिमेंट के जवानों ने अखिलेश शुक्ला को दी अंतिम सलामी
सुलतानपुर। जिले के कुड़वार में बलिदानी सैनिक अखिलेश शुक्ला की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए अखिलेश को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। बताते चलें कि बलिदानी सैनिक अखिलेश शुक्ला उर्फ शुभम के अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। शव जब अलीगंज बाजार पहुंचा तो क्षेत्रवासियों ने भी पुष्प वर्षा करते हुए बलिदानी को श्रद्धांजलि दी।इसके बाद डोगरा सेंटर अयोध्या से आए मराठा रेजिमेंट के जवानों ने नम आंखों से शव यात्रा निकालकर कर साथी को अंतिम विदाई दी। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सर्च आपरेशन के दौरान बंधुआकला के मझना के अखिलेश गोली लगने से घायल हो गए थे। दिल्ली के सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी बुधवार को मौत हो गई थी।
तिरंगे से लिपटे अखिलेश का शव घर पहुंचते ही मां सीमा, बहन प्रियंका, शिवानी सहित परिवारजन दहाड़े मार कर रोने लगे। यह दृश्य देखकर सभी की आंखें नम हो गईं। शव यात्रा घर से करीब 200 मीटर दूर बाग में पहुंची। जहां पर सबसे पहले पिता राधे कृष्ण शुक्ला ने पुष्प चक्र से बेटे को श्रद्धांजलि अर्पित की।
एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी, सीओ सिटी सौरभ सामंत, भाजपा नेता ओम प्रकाश पांडेय बजरंगी, मनीषा पांडेय, संजय सिंह त्रिलोकचंदी आदि ने पुष्पांजलि अर्पित की। अंत में अयोध्या से आए डोगरा रेजिमेंट के कैप्टन आशीष दहिया व सूबेदार प्रशांत कुमार तिवारी ने विदाई देकर सैनिक सम्मान के साथ शव को चिता के पास पहुंचाया। इस मौके पर एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, शकील अहमद, संजय तिवारी, अखिलेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के काशी प्रांत के अध्यक्ष रेवती रमण तिवारी की अगुवाई में पूर्व सैनिकों ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए बलिदानी को श्रद्धांजलि दी। पवन सिंह, गौरी शंकर शर्मा, लक्ष्मी नारायण, सुदीप मिश्रा, अशोक सिंह, उमाशंकर त्रिपाठी, राणा प्रताप सिंह, अमर जीत दुबे, हरि नाथमिश्रा, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, विनायक तिवारी, विनय तिवारी शामिल रहे। अध्यक्ष ने उपजिलाधिकारी सदर विपिन द्विवेदी से शहीद स्थल के लिए जमीन आवंटित करने की मांग उठाई। इस पर एसडीएम ने ग्राम प्रधान के प्रस्ताव पर जमीन आवंटित करने का भरोसा दिलाया।
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