एक हाथ में शास्त्र और दूसरे में शस्त्र लेने का समय आ गया है- इंद्रेश कौशिक जी महाराज
तिलोई अमेठी। बीते तीन दिनों से क्षेत्र के सिंहपुर ब्लॉक अंतर्गत पेडरिया गांव में भागवत कथा चल रही है । कथा के तीसरे दिन प्रखर कथा व्यास इंद्रेश कौशिक जी महाराज ने लोगों को समझाते हुए कहा कि मानव जीवन में अध्यात्म का बहुत महत्व है । आध्यात्मिक मनुष्य के अंदर अहंकार नहीं आता है । अहंकार ही विनाश का कारण होता है । भगवान को यदि कोई भी आम आदमी प्राप्त करना चाहता है तो निर्मल मन बनाना पड़ेगा । शादी शुदा महिलाओं को संदेश देते हुए कथा व्यास ने कहा कि शादीशुदा महिलाए ईश्वर का पूजन भले ही न करें लेकिन पति की सच्चे मन से पूजा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं । नकारात्मक व्यक्ति के पास धन,रूप,वैभव आने से उसको घमंड आ जाता है जिसे तोड़ने के लिए भगवान स्वयं अपनी लीला करते हैं । द्वापर युग में धनुर्धारी अर्जुन का घमंड हो,इंद्र का घमंड हो सब का घमंड ईश्वर ने तोड़ा है । इंद्रेश कौशिक जी महाराज ने बताया कि भजन की कोई सीमा नहीं होती है इसीलिए सोते जागते उठते बैठते हमेशा भजन करते रहना चाहिए । आज के परिवेश के बारे में बताते हुए कहा गया कि आज का परिवेश एक हाथ में शास्त्र और दूसरे में शस्त्र लेने का है । अगर हम अहिंसा को ही हमेशा अपना अस्त्र बनाए रहेंगे तो हिंसा करने वाला व्यक्ति हमारी कुर्बानी दे देगा । द्वापर युग के अंत की कहानी बताते हुए कथा व्यास ने बताया कि राजा परीक्षित ने जैसे ही कलियुग को सोने में रहने का आदेश दिया तुरंत कलियुग ने उनके मुकुट में प्रवेश करके उनके बुद्धि का नाश कर दिया । बुद्धि का नाश होते ही राजा परीक्षित ने ऋषि का अपमान करके अपने लिए श्राप अर्जित कर लिया । कथा आयोजक सुरेश सिंह ने बताया कि हजारों की संख्या में प्रतिदिन लोग भागवत सुनने आ रहे हैं जो काफी सुखद है । सभी कथा सुनने वाले भक्तों के लिए सारी सुविधाएं कर दी गई हैं । कथा में रमेश तिवारी,सोनू सिंह, शशि यादव,अमित तिवारी,दीपू शुक्ला,संदीप चौरसिया,संतोष मौर्य,दिनेश मिश्रा,पंकज साहू,प्रदीप श्रीवास्तव,राजू सिंह,दिनेश जायसवाल,अनीता साहू,रोहित मौर्य आदि लोग मौजूद रहे ।
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